Breaking News
recent

अजमेर से उठा बेरोजगारों का जबरदस्त तूफान, भाजपा सरकार के लिए बढ़ेगा खतरा

अजमेर

द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2016 की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों का राजस्थान लोक सेवा आयोग पर महापड़ाव जारी है। गुरुवार को अभ्यर्थियों ने आयोग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदेश के कई अभ्यर्थी 7 जुलाई को विभिन्न जिलों के अभ्यर्थी पीएम नरेंद्र मोदी की सभा में प्रदर्शन करेंगे।

राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेन यादव और अन्य ने बताया कि द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2016 का परिणाम चार माह पहले घोषित हो चुका है। इसके बावजूद हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान के सात हजार अभ्यर्थी नियुक्ति के इंतजार में है। इसी तरह कनिष्ठ लिपिक भर्ती-2013 के अभ्यर्थियों का री:शफल परिणाम और प्रतीक्षा सूची जारी नहीं हुई है। राजस्थान लोक सेवा आयोग और सरकार के फैसला करने तक महापड़ाव जारी रहेगा।

प्रदेशाध्यक्ष यादव ने कहा कि आंदोलन के लिए अलग-अलग टीम बनाई गई है। एक टीम ने महापड़ाव डाला है। दूसरी टीम शेखावटी और अन्य इलाकों से सात जुलाई को पीएम नरेंद्र मोदी की सभा में पहुंचेंगी। इसमें प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने सरकार और आयोग को चेताया कि दो दिन बाद आमरण अनशन भी शुरू किया जाएगा।

पढ़ें यह खबर भी

ना नियम ना कोई जिक्र

विश्वविद्यालय ने सत्र 2018-19 में दाखिलों के लिए ऑनलाइन प्रॉस्पेक्ट्स अपलोड किया है। इसमें एससी-एसटी, अल्पसंख्यक और अन्य श्रेणियों के विद्यार्थियों की छात्रवृत्तियों, मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति, फैलोशिप, प्रोफेशनल फेकल्टी फंड और अन्य छात्रवृत्तियों का जिक्र है। एकल पुत्री छात्रवृत्ति योजना का कहीं अता-पता नहीं। जबकि विश्वविद्यालय के विभिन्न कोर्स में छात्राएं पढ़ाई कर रह हैं।

कोई पात्र लाभार्थी की सूचना नहीं

छात्रवृत्ति योजना को लेकर विश्वविद्यालय अव्वल दर्जे का लापरवाह है। 13 साल में किसी पात्र छात्रा को स्कॉलरशिप देने की सूचना भी उपलब्ध नहीं है। प्रवेश नियम और प्रॉस्पेक्ट्स में जिक्र नहीं होना विश्वविद्यालय की उदासीनता दर्शाता है। ऐसा तब है जबकि कुलपति, कुलसचिव, प्रवेश समिति और अधिकारियों की निगरानी में प्रोस्पेक्टस तैयार किया जाता है।

कम विद्यार्थी यानि मुसीबत कम

उदयपुर के एमएल सुखाडिय़ा, जोधपुर के जयनारायण व्यास, जयपुर के राजस्थान विश्वविद्यालय, सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय जैसे बड़े कॉलेज की तुलना में 10 से 15 हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं। यहां छात्राओं की संख्या भी चार-पांच हजार तक पहुंच चुकी है। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में महज 1100-1200 विद्यार्थी पढ़ते हैं। कम विद्यार्थी होना यहां फायदेमंद है। इसकी आड़ में केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाएं लागू नहीं हो पाती हैं।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.