Breaking News
recent

गोद लेकर भी नहीं मिला दुलार, बेरुखी की मार,सांसद आदर्श ग्राम तासोल और बामनिया कलां जूझ रहे बदहाली से: न सड़कें हैं, न नाली, कीचड़ का बसा है संसार

राजसमंद.सांसद हरिओम सिंह राठौड़ के गोद लिए तासोल और बामनिया कलां अभी कागजों में ही आदर्शगांव के तौर पर सुहा रहे हैं। जमीनी हालात बिल्कुल अलग हैं। पिछड़े गांवों को विकसित कर आदर्शरूप में पेश करने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर दो साल पूर्व वर्ष २०१६ में राजसमंद सांसद ने भी तासोल और बामनिया कलां को गोद लिया था।

rajsamand news

तासोल: ८० फीसदी घरों के बाहर नालियां तक नहीं
य हां स्थिति कुछ अलग ही है। गांव का विकास और स्वच्छता केवल कागजों में दिखती है। ८० फीसदी घरों के बाहर नालियां टूटी हुई हैं, सड़कें कच्ची व क्षतिग्रस्त हैं। नालियों का गंदा पानी सड़कों पर पसर रहा है। हर तरफ गंदगी बिखरी रहती है। नियमित सफाई का कोई तंत्र विकसित नहीं हुआ है। पत्रिका टीम तासोल पहुंची तो चौंकाने वाली स्थति सामने आई। स्वच्छता और विकास के बड़े-बड़े दावे तासोल में हवा होते दिखे। टूटी नालियों का पानी सड़कों पर पसर रहा था। दो साल में, बल्कि पिछले चार साल में सड़कों का निर्माण नहीं हुआ। कई जगह सड़कें हैं, जिन्हें मरम्मत की जरूरत है। पंचायत में प्रवेश करते ही गांव मण्डावर में गंदगी का अम्बार व खस्ताहाल सड़क सबकुछ बयां कर देती है। छापरखेड़ी, पर्वतखेड़ी, मण्डावर व तासोल गांव के ८० फीसदी घरों के बाहर गंदगी, नालियों का पानी फैलता नजर आया।

rajsamand news

बामनियां कला: दो कदम आगे, मगर अब भी पिछड़ा
सांं सद द्वारा गोद लिया दूसरा आदर्श गांव है बामनियां कला। यहां सांसद मद से एक भी पैसा विकास में नहीं लगा है। स्वच्छता और विकास के मामले में यह तासोल से कई गुना बेहतर है। लोगों ने बताया कि गांव पहले से विकसित था, जिसे और बेहतर बनाने का सपना दिखाया गया था। पिछड़े गांवों की श्रेणी में यह पंचायत नहीं आती है, लेकिन सांसद के गोद लेने के बाद कुछ भी नहीं बदला है। बड़ा सवाल यह कि पहले से विकसित गांव को गोद क्यों लिया गया?

rajsamand news

राज्य स्तर पर नवाजे गए आदर्श गांव
तासोल और बामनियां कलां पंचायत को स्वच्छता व विकास के लिए १८ अप्रेल, २०१७ को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जा चुका है। हरेक पंचायत को दो लाख रुपए की राशि विकास कार्यों के लिए दी।

लोग भी खुलकर बोले
तासोल निवासी हीरालाल जोशी, कालू गाडरी, प्रकाश पालीवाल, दिनेश पालीवाल व मांगी बाई ने विकास व स्वच्छता के सवालों पर कहा कि मुख्य चौराहों व मोहल्ले में सड़क निर्माण-नाली निर्माण नहीं कराया गया, जबकि यहां पर एक भी बार सड़क नहीं बनी है। कहीं बनी भी है तो वह भी क्षतिग्रस्त है। नाली का गंदा पानी सड़कों पर पसरने से कीचड़ व मच्छर फैल रहे हैं। आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। पंचायत ने कचरा संग्रहण के लिए कचरा पात्र भी नहीं लगवाए हैं।

rajsamand news

अब तक खर्च बजट
- ५ लाख रुपए से विद्यालय में दो कमरों का निर्माण
- ५ लाख रुपए से सार्वजनिक शौचालय निर्माण (स्वच्छता में नम्बर वन आने के बाद विशेष रूप से शौचालय के लिए स्वीकृत राशि)
- ६ लाख रुपए से रोड लाइट कार्य
- ६ लाख रुपए विद्यालय में बच्चों के मनोरंजन की सामग्री पर खर्च
- ४५० बीघा व पर्वत खेड़ी में १०० बीघा नर्सरी बनवाई गई।
(पंचायत तासोल का दावा है कि सांसद द्वारा गोद लेने के बाद ये राशि विकास कार्यों के लिए हुई स्वीकृत)
सांसद मद से केवल सोलर प्लांट
दो साल में सांसद ने ४ लाख २५ हजार रुपए सोलर प्लांट स्थापना के लिए दिए।
नहीं बने शौचालय
भीलबस्ती व अन्य जगहों पर दर्जनों घरों में शौचालय नहीं बने हंै। लोग अभी भी खुले में शौच जाते हैं। जिन्होंने शौचालय बनवा लिए, वे उनका इस्तेमाल नहीं कर रहे।

यहां इतना बजट खर्च
- चरागाह में सोलर प्लांट स्थापना के लिए ४ लाख २५ हजार की राशि स्वीकृत की, काम अभी बाकी है।
- डीएमएफटी मद से गौरवपथ के लिए ६० लाख
- काजवे पुल के लिए १ करोड़ ३६ लाख
- चरागाह में पंचफल उद्यान (जामुन, आंवला, सीताफल, बिल्व-पत्र और बेर) निर्माण के लिए २३ लाख
- चरागाह विकास के लिए १३ लाख, उपस्वास्थ्य केन्द्र भवन ३५ लाख
- स्कूल में दो कमरे १७ लाख - दो सुलभ शौचालय ९ लाख
- कन्या उपवन १९ लाख गांव में आड़ पाल ९८.२६ लाख रुपए स्वीकृत



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.