अलवर/जयपुर। जयपुर के अमरूदों के बाग में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाभार्थी संवाद चल रहा है। ऐसे में प्रदेश का राजपूत तबका राज्य सरकार से खफा है। अपनी नाराजगी वो कई बार सार्वजनिक मंचों से जाहिर भी कर चुका है। खास तौर पर ये तबका राज्य की सीएम से नाराज है। इसके लिए पीएम के जयपुर पहुंचते ही अलवर में सरकार का विरोध शुरू हो गया। जिले के घोड़ाफेर चौराहे पर राजपूत समाज की ओर से वसुंधरा राजे सरकार का विरोध किया गया। इस दौरान काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। राजपूत समाज ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर राजपूत समाज की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
वहीं शनिवार को पीएम दौरे को लेकर राजपूत समाज की नाराजगी को सरकार ने गंभीरता से लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली को ध्यान में रखते हुए पुलिस एक दिन पहले तमाम राजपूत नेताओं के घर पहुंची। कार्यक्रम से दूर रहने के साथ-साथ किसी भी तरह के विरोध न करने की बात कही। साथ ही कई नेताओं को नियम तोड़ने के विरोध में गिरफ्तार करने की चेतावनी दी है।
खातीपुरा के इलाके में श्री राजपूत करणी सेना के प्रवक्ता करण राठौर ने बताया कि वैशाली नगर थाने के एसएचओ सहित चार पुलिसकर्मी घर पर आए और दोपहर 3:00 बजे तक घर से न निकलने की बात कही। उन्होंने कहा कि पुलिस की बात नहीं माना तो गिरफ्तार करने की बात कही। उन्होंने पुलिस की बात का विरोध किया। उनका कहना है कि सरकार शांतिपूर्वक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का हक भी लोगों से छीन रही है।
ज्ञात हो कि बीते दिनों राजपूत समाज के विभिन्न संगठनों ने राजपूत सभा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी के कार्यक्रम का विरोध करने की बात कही थी। राजपूत नेताओं का कहना था कि प्रदेश सरकार बीते 4 साल से राजपूत समाज की अनदेखी कर रही है और इसका परिणाम उपचुनाव में समाज के लोगों ने दिखा दिया। इसके बावजूद भी सरकार उन को गंभीरता से नहीं ले रही है। साथ ही आनंदपाल प्रकरण में सरकार जिस तरह के सरकार मुकरी है उसको लेकर राजपूत समाज काफी नाराज है।
वहीं दूसरी ओर राज्य के विभिन्न जिलों से कार्यक्रम में भाग लेने के लिए लाखों लाभार्थियों कार्यक्रम स्थल में पहुंचना शुरू हो गए हैं। करीब 12 योजनाओं के लाभार्थी इसमें केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाएं शामिल है।
युवाओं से लेकर महिलाएं और बुजुर्ग तक शामिल है दूरदराज के ग्रामीण इलाकों से भी लाभार्थी इस कार्यक्रम में भाग लेने आए हैं। लाभार्थियों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो इसके लिए सरकार ने पुख्ता इंतजाम कर रखे हैं।
गाड़ियों को 22 गोदाम के पास खड़ा किया जा रहा है। यहां से पैदल कार्यक्रम स्थल तक पहुंच रहे हैं करीब आधा किलो मीटर तक लाभार्थियों को पैदल सफर करना पड़ रहा है। अगर यह व्यवस्थाओं की बात करें तो यातायात पुलिस के साथ साथ पानी की व्यवस्था की गई है।





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