भीलवाड़ा।
एटीएम की पिन नम्बर चुराकर तथा खाते को हैंग कर लाखों रुपए की राशि का गबन करने का मामला थमता नजर नहीं आ रहा है। हाल ही में कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक रामगोपल नायक भी इसकी चपेट में आ गए है। किसी ने उनके एसबीआई के खाते से अलग-अगल बार में चार लाख 5 हजार रुपए निकलवा लिए। नायक ने पहले बैंक के कई चक्कर लगाए, लेकिन कोई हल नहीं निकला। बैंक प्रबंधन का कहना था कि राशि निकलने का मैसेज आते ही उन्हें सचेत हो जाना चाहिए था। अब नायक ने सुभाषनगर थाने में मामला दर्ज कराया है।
संयुक्त निदेशक नायक ने बताया कि कृषि उपज मण्डी में उनका खाता है। उस खाते से 18 जून से 23 जून 2018 के बीच अलग-अलग समय में चार लाख रुपए की राशि निकल ली। इसकी जानकारी उन्हें तब मिली, जब वे 23 जून को एटीएम से रुपए निकालने गए। एटीएम कार्ड को मशीन मेें डाला तो पिन नम्बर इनवेलिड बताया। नया पिन नम्बर मंगवा कर कार्ड से हजार रुपए निकलवाए। इसकी पर्ची आई तो खाते का बैलेन्स 37 हजार 652 रुपए आया। नायक ने बैंक में जाकर पास बुक में एन्ट्री करवाई तो 17 जून से 23 जून के मध्यम 4 लाख 5 हजार 103 रुपए की राशि निकाल ली गई।
ऐसे निकाली राशि
नायक ने बताया कि किसी हैंकर ने उनके खाते को फ्रीज करने के साथ ही भीलवाड़ा के किशनावतों की खेड़ी निवासी कैलाशी देवी पत्नी पप्पू सिंह दरोगा के खाते को भी फ्रीज कर दिया था। नायक के खाते से 18 जून को 40-40 हजार रुपए दो बार तथा 19 व 20 जून को 40-40 हजार रुपए की राशि दो बार निकालकर महिला के खाते में स्थानान्तरण कर दिए थे। बैंक अधिकारी के अनुसार यह राशि एटीएम से एटीएम खाते में स्थानान्तरण की गई थी। इस एक लाख साठ हजार रुपए की राशि को मुम्बई में निकाली गई थी।
इसी प्रकार 18 व 19 जून को 20-20 हजार की राशि छह बार दिल्ली में निकाली। 20 जून को 40 हजार, 22 जून को 40-40 हजार रुपए दो बार निकाले गए। 23 जून को 5 हजार 23 रुपए 60 पैसा इतनी राशि निकालने पर एटीएम ने राशि काट ली।
मैसेज आते ही करते शिकायत
इस मामले में नायक की ढिलाई सामने आई है। कृषि उपज मण्डी एसबीआई शाखा प्रबन्धक पीआर मीणा ने बताया कि उन्हें 18 जून को पहले ट्रांसजैक्शन का मैसेज आते ही सतर्क हो जाना चाहिए। उस वक्त कुूछ किया जा सकता था। अब इसकी शिकायत बैंक की बेलापुर स्थित उनकी साइबर शाखा में की गई है।
नायक ने सुभाषनगर थाने में भी मामला दर्ज कराया है। शाखा प्रबन्धक मीणा का कहना है कि साइबर क्राइम करने वाले गैंग का हाथ हो सकता है।
लेकिन खाताधारकों को भी अपने नम्बर या मोबाइल पर आने वाले हर मैसेज को देखना चाहिए। 18 जून को राशि निकलते ही नायक बैंक को सूचना देते तो शायद खाते में जमा राशि को बचा जा सकता था। अब मामला साइबर शाखा के हाथ में है।





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