भीम/राजसमंद। राजसमंद के बार चौकी इलाके के जेतगढ़ से गुरुवार दोपहर अगवा किशोरी खुद की सजगता से न सिर्फ मुक्त हो गई, बल्कि एक आरोपित को भी ग्रामीणों की मदद से पकड़वाकर पुलिस के हवाले करवा दिया।
पुलिस के अनुसार जेतगढ़ से नाबालिग किशोरी का बोलेरो कार सवार चार बदमाशों ने अपहरण कर लिया। फिर कार भीम में पाटिया का चौड़ा पहुंची, जहां बदमाशों को चकमा देकर पीड़िता कार से उतर कर लोगों की भीड़ में घुस गई। उसने लोगों को आपबीती सुना दी। इस पर ग्रामीणों ने एक आरोपित को पकड़ते हुए पुलिस को सूचना दे दी। हालांकि तब तक तीन आरोपित मौके से फरार हो गए थे।
सूचना पर थाना प्रभारी लाभूराम विश्नोई मय जाब्ते के मौके पर पहुंच गए और आरोपित को पकड़ लिया। आरोपित की पहचान चैनपुरा, आसींद (भीलवाड़ा) निवासी धरमीचन्द (30) पुत्र फागनचंद गुर्जर के रूप में हुई। इधर पुलिस ने पीड़ित किशोरी के परिजनों को सूचना दे दी। जिसके बाद परिजन भीम थाने पहुंच गए। पुलिस ने पीड़िता को उसके पिता को सौंप दिया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरी ओर राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी मंगलवार को राजसमंद पहुंचीं और बालिका गृह में बच्चियों से रूबरू हुईं। इससे पहले अभिभावकों से मिलकर उनसे परिचय किया, मगर जैसे ही महिलाएं एक के बाद एक सवाल करने लगीं, आयोग अध्यक्ष बिना जवाब दिए ही चलती बनी। परिजन बोले कि एक तरफ बच्चियों की सुरक्षा, सुविधा की बात की जा रही है, तो दूसरी तरफ बाल पकडक़र, घसीटकर व मारपीट करते हुए बच्चियों से बाल कल्याण समिति व पुलिस द्वारा ज्यादती कर रही है। इस बात पर अध्यक्ष सिर्फ इतना सा बोलीं कि इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई संभव है। फिलहाल सभी बच्चियों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखकर बच्चियों को सरकारी भवन में रखा गया है, जहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है। इससे पहले आयोग अध्यक्ष ने पुलिस, प्रशासन व बाल कल्याण समिति की आपात बैठक लेकर 6 7 बालिकाओं को रेस्क्यू करने की कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट ली। साथ ही स्पष्ट किया कि अब सभी बच्चियों को संबंधित राज्य व जिला बाल कल्याण समितियों के माध्यम से परिजनों को सौंपा जाएगा।
बचपन नहीं छिनने देंगे
आयोग अध्यक्ष चतुर्वेदी ने कहा कि बच्चों का बचपन खत्म हो रहा है। मैं धर्म को गलत नहीं कहती, मगर धर्म के नाम पर मासूमों से ज्यादती भी सहन नहीं करेंगे। अगर धार्मिक संस्था रजिस्टर्ड नहीं हो और किसी को कुछ भी करने की छूट कैसे दी जाए? बच्चियों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है और उन्हें परामर्श भी दिया जा रहा है।





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