Breaking News
recent

खेतड़ी व विवेकानंद के रिश्ते पढ़ेगा राजस्थान, मुस्लिम युवक ने लिखी है पुस्तक

सीकर. राजस्थान के झुंझुनूं जिले के खेतड़ी व स्वामी विवेकानंद के रिश्ते पहले से जग जाहिर हैं, लेकिन अनेक अनछुए पहलु अभी भी हंै। कुछ ऐसे ही पहलुओं व प्रगाढ़ रिश्तों को अब पूरा राजस्थान पढ़ेगा। यह रिश्ते बताने वाला कोई और नहीं बल्कि अल्पसंख्यक युवा डॉ जुल्फीकार है।

उनकी लिखी पुस्तक 'स्वामी विवेकानंद चिंतन एवं रामकृष्ण मिशन खेतड़ीÓ का चयन राजस्थान सरकार के भाषा एवं पुस्तकालय विभाग ने किया है। यह पुस्तक अब राजस्थान के हर सरकारी पुस्तकालय में उपलब्ध रहेगी। इस पुस्तक का विमोचन हाल ही में जयपुर में राज्यपाल कल्याण सिंह ने किया था।

झुंझुनूं जिले के भीमसर गांव निवासी डॉ जुल्फीकार स्वामी विवेकानंद पर पीएचडी भी कर चुके हैं। उनके शोध का विषय बांग्लादेश एवं श्रीलंका में रामकृष्ण मठ एवं रामकृष्ण मिशन रहा है। दावा यह भी है कि वे भारत के किसी गांव के पहले मुस्लिम युवा हैं, जिन्होंने स्वामी विवेकानंद पर पीएचडी की है। इसके अलावा विवेकानंद पर तीन पुस्तकें भी लिख चुके जुल्फिकार के इतने ही शोध पत्र भी प्रकाशित हो चुके हैं।


यह है पुस्तक में

पुस्तक में देश एवं विदेश में स्थापित रामकृष्ण मिशन संस्थाओं की कार्यगतिविधियों, खेतड़ी का इतिहास एवं अनेक अनछुए पहलुओं का उल्लेख किया गया है।

खेतड़ी और विवेकानंद के रिश्ते


- खेतड़ी के तत्कालीन राजा अजीत सिंह ने ही विवेकानंद को पगड़ी व राजस्थानी अंगरखा भेंट किया, जो उनकी खास पहचान बन गए।
-विवेकानंद नाम भी खेतड़ी की ही देन है।
- विश्व धर्म सम्मेलन में हिस्सा लेने शिकागो जाने के लिए हवाई जहाज के टिकट अजीत सिंह ने ही करवाकर दी थी।
- वर्ष 1891 से 1897 के बीच स्वामी खेतड़ी तीन बार आए।
- पहली बार 82, दूसरी बार 21 और तीसरी बार 9 दिन रुके।
-स्वामीजी खेतड़ी को अपना दूसरा घर बताते थे।
- स्वामी जी तीसरी बार खेतड़ी आए तब पूरे खेतड़ी कस्बे को 40 मण तेल से रोशनी करके सजाया गया था।

 

ऐसे हुए प्रभावित


डॉ. जुल्फिकार बताते हैं कि उनके पिता जाफर हुसैन हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड खेतड़ी में कार्यरत थे। 2002 में खेतड़ी स्थित रामकृष्ण मिशन के पुस्तकालय में जाता था। वहां विवेकानंद को पढ़ा। उनके विचारों से प्रभावित हुआ और 2005 में 'स्वामी विवेकानंद चिंतन एवं रामकृष्ण मिशन खेतड़ीÓ विषय पर पीएचडी करने में जुट गया। 2009 में पीएचडी की उपाधि हासिल हुई। वे आरएएस के इंद्रेश कुमार को अपना गुरु मानते हैं।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.