बीकानेर. नोखा क्षेत्र में पिछले दिनों खनन क्षेत्र में मकान ढहने से मां-बेटी की मौत गई थी। बीकानेर में भी कई ऐसे क्षेत्र है, जहां पहले खनन होता था। इन इलाकों में अब आवासीय बस्तियां हैं, लोग टिब्बों के मुहाने पर रह रहे हैं। बारिश का दौर चल रहा है, ऐसे में अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
सुजानदेसर क्षेत्र में पिछले दिनों इसी तरह मिट्टी के ढेर में बना एक मकान ढह गया थ, जिससे एक जने की मौत हो गई थी। गंगाशहर रोड स्थित जैन स्कूल के पीछे, नत्थूसर गेट बाहर हरोलाई हनुमान मंदिर रोड, मोहता सराय सहित कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पर ऊंचे टिब्बे हैं और उन पर बस्तियां बस गई हैं। वहां भारी बारिश के दौरान जमीन धंसने की आशंका बनी रहती है।
जारी किए नोटिस
निगम क्षेत्र में चिन्हित जर्जर मकानों के मालिकों को नोटिस जारी किए हुए हैं। साथ ही निगम के सर्वे में पाए गए खतनाक स्थिति और जान-माल की हानि की संभावना वाले मकानों के मालिकों को भी नोटिस दिए है। आने वाले दिनों में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का जायजा लेंगे।
प्रदीप के गावंडे, आयुक्त, नगर निगम
तपिश से बढ़ा तापमान, उमस से लोग बेहाल
बीकानेर. शहर में मौसम ने रविवार को कई रंग दिखाए। दिन में जहां तेज धूप के बाद बादलवाही छाई रही, वहीं उमस ने भी लोगों को काफी परेशान किया। तेज धूप और उमस के चलते लोगों की दिनचर्या बूरी तरह से प्रभावित हो गई। अलसुबह से सूरज की तपिश के चलते तापमान में करीब साढ़े चार डिग्री की बढ़ोतरी हुई है।
पिछले कई दिनों हो रही बारिश के बाद अब उमस ने लोगों को परेशान कर दिया है। गर्मी और उमस का आलम यह रहा कि पूरे दिन लोगों के कपड़े पसीने से तरबतर रहे। घरों में चलने वाले कूलर और पंखे की हवा भी लोगों को राहत नहीं पहुंचा पाएं। शाम को चली हवाएं बादलों को बहाकर ले गई। हवा चलने से शहरवासियों को उमस व गर्मी से कुछ राहत मिली। रविवार को अधिकतम तापमान ३७.५ डिग्री व न्यूनतम तापमान २७.७ डिग्री सेल्सियस रहा।





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