करौली. ओडीएफ की तर्ज पर सरकार ग्राम पंचायतों को उजियारी योजना के तहत ड्राप आउट बालक मुक्त करेगी। इसके प्रथम चरण में करौली जिले की 78 पंचायतों का चयन किया गया है।
ड्राप आउट मुक्त होने पर पंचायतों में सरकार की योजनाओं पर विशेष काम किया जाएगा। नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सरकार ने उजियारी योजना लागू की है। इस योजना में पंचायत क्षेत्र के सभी विद्यार्थियों को शत प्रतिशत सरकारी व निजी स्कूलों से जोड़ा जाएगा। विभाग ने शिक्षण सत्र की शुरुआत से योजना को लागू कर उजियारी के लिए आवेदन मांगे।
इसके बाद स्कूलों के अध्यापकों ने घर-घर जाकर बालक-बालिकाओं की शिक्षा के बारे में जानकारी एकत्र की। रिकॉर्ड तैयार होने पर जिले की २२७ पंचायतों में से ७८ पंचायतों ने योजना में शामिल होने के लिए आवेदन किया है। आवेदनों में यह जानकारी दी गई है कि उनकी पंचायतों में ड्राप आउटों को स्कूलों से जोड़ दिया गया है, पंचायत क्षेत्र में एक भी 6 से 14 वर्ष तक के छात्र-छात्राएं ड्राप आउट नहीं है। 5 सितम्बर तक उक्त पंचायतों को उजियारी में शामिल किया जाएगा।
ग्राम सभा करेगी अनुमोदन
पंचायत क्षेत्र के सभी बालकों को शिक्षा से जोडऩे के मामला का ग्राम सभा में अनुमोदन किया जाएगा। पंचायत प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी एक-एक बालक का नाम बोलकर घोषणा करेंगे, कि इसका स्कूल में प्रवेश हो गया है। सरपंच, पीईईओ, पंचायत सचिव व महिला पर्यवेक्षक संयुक्त हस्ताक्षर से उजियारी का प्रमाण पत्र तैयार करेंगे।जिसे उपखण्ड अधिकारी की अध्यक्षता में ब्लाक स्तरीय समिति में रखा जाएगा, जहां से अनुमोदन के बाद जिला कलक्टर के पास भेजा जाएगा। जिला स्तरीय समिति का इसका भौतिक सत्यापन करने पर उजियारी की घोषणा करेगी। भौतिक सत्यापन में लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
योजनाओं में प्राथमिकता मिलेगी
उजियारी योजना के तहत शामिल पंचायत के ग्रामीणों को सरकार विभिन्न योजनाओं में प्राथमिकता देगी। सरकार का मानना है कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए ग्रामीण ड्राप आउट बालकों का दाखिला स्कूल में कराएंगे। इस कारण सरकार भी उन्हें प्रधानमंत्री आवास, पानी, बिजली तथा सड़क की योजनाओं का लाभ विशेष रूप से देगी। इन पंचायतों में विभाग की योजनाओं की मॉनिटरिंग भी प्रमुख रूप से की जाएगी। उल्लेखनीय है कि सरकार ने गत महीनों ग्राम पंचायतों को अभियान चलाकर ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) किया था। ओडीएफ होने पर पंचायतों में विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट का आवंटन भी किया गया है।
सत्यापन पर देंगे प्रमाण पत्र
उजियारा योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है, ७५ पंचायतों ने आवेदन किया है। भौतिक सत्यापन होने पर उजियारी पंचायत का प्रमाण पत्र जिला स्तर के समारोह में दिया जाएगा।
अशोक शर्मा अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक सर्वशिक्षा अभियान करौली





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