जयपुर
साउथ अफ्रीका के घने जंगलों में जंगली जानवरों को मारकर खाने वाले आदिवासियों के बारे में आपने सुना होगा और कई टीवी कार्यक्रमों में उनको ऐसा करते देखा भी होगा। लेकिन अब इस क्रम में भारत का नाम भी जुड़ गया है। भारत में भी कुछ ऐसे लोग हैं जो जंगली जानवरों को सिर्फ इसलिए मार डालते हैं ताकि उनको खाने के लिए चीनी, गुड़ और अन्य राशन का सामान मिल जाए। फिर चाहे चीता हो, चीते का बच्चा हो या फिर शेर, बाघ हों। इनके पास न हथियार होते हैं और न ही जानवरों को पकड़ने के कोई बड़े इंतजाम, बस जाल और डंडों के जरिए ये जानवरों को पकड़ लेते हैं और पीट—पीट कर मार डालते हैं। चौकाने वाला यह खुलासा हाल ही में जयपुर शहर की माणक चौक थाना पुलिस ने किया है। पुलिस की जांच अभी जारी है।
रुद्राक्ष ओर स्टोन मालाएं बेचते थे तस्कर, फिर उतरे इस धंधे में
दरअसल जयपुर की माणक चौक थाना पुलिस ने कुछ दिन पहले अजित कुमार गोखरू को गोपाल जी के रास्ते से गिरफ्तार कर उसके कब्जे से शेर का पंजा, नाखून व अन्य सामान जब्त किये थे। पूछताछ में उसने शिरडी निवासी विक्की राजेश भोंसले व रवि गजानंद पंवार से ये आइटम खरीदना बताया था। जिसके बाद पुलिस ने इन दोनों को भी गिरफ्तार किया था। ये दोनों आरोपी पुलिस रिमांड पर चल रहे थे। दोनो से पूछताछ में पता चला कि दोनो देश के कई हिस्सों में घूमकर रुद्राक्ष और स्टोन ज्वैलरी की मालाएं बेचते थे। इस दौरान कई लोग शेर—चीतों के नाखून, मूंछ—पूंछ के बाल, शरीर के अंगों की डिमांड करते थे। कुछ खरीदारों की डिमांड भी पूरी की तो मुनाफा हुआ, उसके बाद इसी धंधे में उतर गए।
गुड़—चीनी के लिए मार देते हैं शेर—चीते
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चीते की खाल, शेर के नाखून, नकली चांदी के सिक्के आदि लोगों की डिमांड पर लाते थे। आरोपी रवि अपने एक साथी से मिलकर आदिवासियों की मदद से जंगल मे शेर व चीते के बच्चे का शिकार उनको जाल मे फंसाकर लाठियों से मार पीटकर करते थे। इसके बदले आदिवासियों को अनाज, तेल, गुड, शक्कर आदि मुहैया कराते थे। ये सामान किन जंगलों से लाए हैं और इस गिरोह में कौन- कौन शामिल है इसकी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में चीते की खाल व अन्य सामान शिरडी स्थित कमरे में छुपाना बताया। जिस पर एसआई गणेश राम, एएसआई हरिओम, कांस्टेबल नरेन्द्र, ओमपाल सिंह की टीम भेजी गई। टीम को वहां से चीते की खाल, शेर के 33 नाखून, 12 नकली चांदी के सिक्के मिले।





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