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औद्योगिक पिछड़ापन दूर करने समन्वित प्रयासों की जरूरत

जैसलमेर . आर्थिक तथा औद्योगिक विकास में जिले का पिछड़ापन दूर करने के लिए दृढ इच्छा शक्ति के साथ समन्वित प्रयासों की महती आवश्यकता है। जिले में उद्योगों की स्थापना के लिए बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल ने त्वरित गति से कार्य करने की बात कही। वे गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय औद्योगिक समिति में त्रैमासिक समीक्षा कर रही थीं।
इस मौके पर उन्होंने बताया कि जिले के रीको औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधा विकास के लिए रीको के अलावा संबंधित विभागों को भी सकारात्मक सोच के साथ कार्य करना चाहिए। जिले को केन्द्र सरकार की आकांक्षी जिला की योजना में शामिल किया गया है। इसलिए यहां आर्थिक गतिविधियों में तेजी तथा तीव्र औद्योगिक विकास की जरूरत है। तभी जिला, प्रदेश व देश के विकसित जिलों में सुमार हो पाएगा तथा लोगों को रोजगार के साधन मुहैया होंगे। उन्होंने विशेेष कर पानी, बिजली व सडक़ों के विकास के लिए योजना बना चरणबद्ध रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। औद्योगिक क्षेत्र शिल्पग्राम में औद्योगिक प्रतिनिधियों की ओर से जिला औद्योगिक सलाहकार समिति की बैठकों में पानी की समस्या के संबंध में अवगत कराया गया। जिला कलक्टर ने इसको गंभीरता से लेकर बैठकों में जलदाय विभाग के अधिकारियों को शिल्पग्राम में पानी आपूर्ति के निर्देश दिए।

बैठक में महाप्रबंधक, जिला उद्योग, केन्द्र के.सी.सैनी ने औद्योगिक विकास के संबध में विभिन्न बिन्दुओं को रखते हुए रीको औद्योगिक क्षेत्र मे जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन संबंधी जानकारी ली। क्षेत्रीय प्रबंधक रीको ने बताया कि पाइप लाइन संबंधी स्वीकृति रीको मुख्यालय से प्राप्त कर जलदाय विभाग को भिजवा दी गई है। इसी प्रकार औद्योगिक क्षेत्र किशनघाट में भी उच्च जलाशय एवं पाइप लाइन कार्य पूर्ण हो गया है। इसे रीको को सुपुर्द कर दिया जाएगा। इस पर जिला कलक्टर ने रीको के अधिकारी को क्षेत्र में स्थित इकाइयों को पेयजल कनेक्षन देकर पेयजल वितरण का कार्य प्रारम्भ करने के निर्देश दिए।
इस मौके पर जिला कलक्टर ने औद्योगिक क्षेत्र शिल्पग्राम एवं किशनघाट में नियमित व पर्याप्त बिजली आपूर्ति के लिए जीएसएस निर्माण के निर्देश दिए। इस पर अधिशासी अभियंता ने बताया कि जीएसएस के लिए आवंटित भूमि पर पत्थर के ब्लॉक डालकर अतिक्रमण किए गए हैं, उन्हें हटाया जाए। इस संबंध में रीको के अधिकारी ने औद्योगिक संघों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे भी इसमें सहयोग करें एवं जिन उद्यमियों ने वहां पत्थर डाल रखें है उनको हटवावे ताकि जीएसएस का कार्य चालू हों। जिला कलक्टर ने औद्योगिक क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सडक़ों की मरम्मत करवाने तथा नई सडक़ निर्माण के लिए रीको को प्रस्ताव बनाकर कार्य करवाने को कहा। उन्होंनें ब्रह्मसर में कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए इसी क्षेत्र की इकाइयों को भूखण्ड आवंटित करने तथा पूर्व में आवंटित इकाइयों को शीघ्र निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में समिति सदस्य जुगलकिशोर बोहरा ने बड़ाबाग एवं ब्रह्मसर व धउवा में मेशेनरी स्टोन के लिए भूमि चिह्नित करने की सलाह दी। वहीं डंपिग यार्ड के लिए भूमि का चयन शीघ्र ही कराने की आवश्यकता जताई। बैठक में खनिज अभियंता ने बताया कि जाजिया में पीले पत्थर के मार्बल के लिए एक वर्ग किलोमीटर क्षेत्र चिह्नित किया गया है। क्षेत्रीय प्रबंधक रीको ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र जैसलमेर, शिल्पग्राम एवं किशनघाट में रोड लाइट के वर्क ऑर्डर जारी किए हैं। बाद में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक की गई। इसमें जिला उद्योग केन्द्र के 18 तथा खादी बोर्ड के 5 आवेदनों पर विचार विमर्श किया गया।
बैठक में जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक के.सी.सैनी, लीड बैंक अधिकारी मीणा, रीको के क्षेत्रीय प्रबंधक, अधिशासी अभियंता लिच्छूराम चौधरी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी तथा उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।



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