उदयपुर . मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय में पुलिस के दखल पर दोनों प्रमुख छात्र संगठन बंट गए हैं। एबीवीपी ने 17 जुलाई को हुए लाठीचार्ज के बाद विवि कैम्पस में पुलिस की दखल पर रोक लगाने की मांग करते हुए इस घटना की जांच कराने का दबाव बनाया है। दूसरी ओर, एनएसयूआई पुलिस की कार्रवाई के समर्थन में नजर आ रही है। इधर, कॉमर्स कॉलेज में सीटें बढ़ाने की मांग पर एबीवीपी के पदाधिकारियों की भूख हड़ताल गुरुवार को जारी रही। चिकित्सकों की टीम ने शाम को इनका स्वास्थ्य परीक्षण किया।एबीवीपी समर्थित छात्रसंघ अध्यक्ष भवानीशंकर बोरीवाल ने बताया कि वे काउंसलिंग के दौरान कुलपति से सीटें बढ़वाने की मांग करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से बात कर रहे थे, तभी पुलिस ने छात्रों पर लाठियां भांजनी शुरू कर दी। कुलपति ने किसी को रोका तक नहीं। एबीवीपी चाहती है कि विवि कैम्पस में पुलिस के बजाय निजी सुरक्षा गार्ड रखे जाएं।इधर एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष कुशलेश चौधरी ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि कॉलेज में जब पुलिस के सामने छात्र झगड़े कर रहे हों तो पुलिस की अनुपस्थिति में क्या होगा, यह सभी समझ सकते हैं।
40 प्रतिशत सीटें बढ़ाने के लिए भूखे बैठे छात्र....
एबीवीपी से जुड़े छात्र नेताओं का कहना है कि साइंस और आट्र्स कॉलेज में कुल सीटों के अनुपात में सरकारी सीटें है फिर कॉमर्स कॉलेज में छात्रों के साथ अन्याय क्यों हा रहा है। प्रदर्शन करने पर 160 सरकारी सीटों को 176 कर दिया गया, लेकिन 1200 सीटों के अनुपात में 40 प्रतिशत सीटें बढ़ाई जानी चाहिए ताकि गरीब तबके के विद्यार्थी सरकारी सीट पर एडमिशन ले सके। एबीवीपी के भवानीशंकर, दिनेश डांगी, महिपालसिंह देवड़ा, सुखदेव डांगी, नवीन मेनारिया, निखिलराज सिंह, अविनाश शुक्ला, अरविंदसिंह, हिमांशु बागड़ी, पदमसिंह देवड़ा दो दिन से भूख हड़ताल पर बैठे है। गुरुवार शाम को चिकित्सकों की टीम ने इन सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
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काउंसलिंग में रह गई कुछ सीटें खाली...
कॉमर्स कॉलेज में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यूजी की काउंसलिंग गुरुवार को हो गई लेकिन एसटी, एससी और ओबीसी कोटे मे कुछ सीटें अब भी रिक्त रह गई इसकेा लेकर विवि जल्द ही प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।





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