Breaking News
recent

सरकारी अस्पताल में सुविधाओं का टोटा, प्रसूताएं घर से लाती हैं ये ​चीज

चूरू.
राजकीय डेडराज भरतिया अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण मरीजों को आए दिन किसी न किसी समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। लेकिन अस्पताल प्रशासन मूक दर्शक बना बैठा है। इससे मरीजों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में बेडशीट नहीं होने के कारण मरीजों व प्रसूताओं को घर से चद्दर व बिस्तर लाने पड़ रहे हैं।

ऐसा वार्ड नहीं, जिसमें बेडशीट की कमी नहीं
राजस्थान पत्रिका की ओर से सोमवार को जब अस्पताल के भर्ती वार्डों का हाल जाना गया तो कोई ऐसा वार्ड नहीं मिला जिसमें बेडशीट की कमी नहीं हो। हर वार्ड में किसी न किसी बेड पर बेडशीट नहीं थी। ऐसे में मरीज या तो बिना बेडशीट के लेटे थे या घर से लाई गई चद्दर पर लेटे थे। यह अनदेखी मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पताल की व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

यह है प्रसूताओं व मरीज की पीड़ा

पोट्टी निवासी महिला सानिया ने बताया कि वह शनिवार से अस्पताल में भर्ती है लेकिन उसे एक दिन भी बेडशीट नहीं मिली। इसी प्रकार सवाई बड़ी सरदारशहर की पार्वती ने बताया कि उसके ऑपरेशन हुआ है। सात दिन से भर्ती है लेकिन एक दिन भी बेडशीट नहीं मिली। रात को स्टाफ भी संभालने नहीं आता है। वहीं छोटडिय़ा गांव की सीता ने बताया कि उसके प्रसव हुआ है। वह आठ दिन से भर्ती है लेकिन उसे एक दिन भी बेडशीट नहीं दी गई। यही हाल पुराने भवन में मेल मेडिकल व फिमेल मेडिकल की है। यहां भी भर्ती पूरे मरीजों को बेडशीट नहीं मिल रही है।

महिला वार्डों में हालात खराब

हॉस्पिटल के महिला वार्डों में स्थिति काफी खराब है किसी में आधे-अधूरे तो किसी में एक भी बेडशीट नहीं है। ऐसे लगता है कि पूरा प्रबंधन जैसे आंख मूंदकर बैठा है। मरीज स्टाफ से कहते हैं उन्हे बेडशीट नहीं होने की बात कहकर शांत कर दिया जाता है।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.