अलवर. बारिश शुरू होने से पहले जिम्मेदार विभाग टूटी सड़कों को दुरुस्त करने की बजाय नई तोडऩे में भी परहेज नहीं कर रहे हैं। जबकि जिला कलक्टर के आदेश भी हैं कि बारिश में नई खुदाई नहीं हो। फिर भी कई जगहों पर पानी की लाइन डालने वाले सड़कों को तोडऩे में लगे हैं। यही नहीं बारिश से पहले गड्ढ़े दुरुस्त करने की बजाय अब उनमें रोडिय़ां भर रहे हैं जो अगले दिन ही साफ मिलती है। कीचड़ से बदहाली इतनी हो जाती है कि सड़कों से निकलना मुश्किल हो गया है। वन वे करना पड़ा अस्पताल के सामने अस्पताल के सामने कुछ दिन पहले भी खुदाई होती रही। जिसका नतीजा यह रहा कि इस समय डाली गई रोडिय़ों गड्ढ़ों में बदल गई हैं। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सड़क वन वे करनी पड़ी। यही हाल अम्बेडकर चौराहे के आसपास है। यहां भी दो दिन पहले पानी की लाइन जोडऩे के लिए सड़कों को तोड़ा गया। अभी तक काम पूरा नहीं हो सका है। अम्बेडकर सर्किल से एक तरफ वाहनों को निकालना पड़ रहा है। बारिश में यह सड़क के धंसने का डर भी है। सीवरेज वाले तोड़ रहे सीवरेज लाइन के कनेक्शन करने वाले तो बारिश में भी नहीं रुक रहे हैं। इस मौसम में भी काला कुआं में घरों के बाहर सड़कों को तोड़ा जा रहा है। जो कनेक्शन सड़क बनने से पहले होना था वो बाद में हो रहे हैं। कई जगहों पर दुबारा से सड़क को तोड़ा गया है।
दोनों तरफ के कनेक्शन के एक साथ करने से रास्ते भी अवरुद्ध हो रहे हैं। आपसी तालमेल नहीं, ठेकेदार पर मेहरबान जनता की परवाह नहीं है। विभागों के अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल नहीं है। जिम्मेदार अधिकारी भी ठेकेदार पर मेहरबान हैं। तभी तो बारिश में भी काम चला रखा है। दो दिन पहले भी बहरोड़ रोड पर यूआईटी के अधिकारियों ने मौके पर जाकर काम को रुकवाया। बारिश में धंसी सड़कें कई जगहों पर बारिश में फिर से सड़कें धंस गई है। सामान्य अस्पताल के सामने ही तीन वाहन रोड पर ध्ंासने से फंस गए। कई अन्य कॉलोनियों में भी चलते व खड़े वाहन फंस गए। हर बार बारिश में यह परेशानी सामने आ रही है।





No comments:
Post a Comment