श्रम मंत्री डॉ.जसवन्त यादव ने शुक्रवार को बहरोड़ में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि गाय हमारी आस्था व माता है। गो तस्करी एवं गो हत्या बन्द नहीं हुई तो बहुसंख्यक समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। यदि गो तस्करी व हत्या पर रोक नहीं लगाई तो इनके खिलाफ बड़ा फैसला लेना जरूरी हो जाएगा। रकबर की मौत होने के बाद ममता बनर्जी की ओर से राजस्थान के मंत्रियों पर भडक़ाऊ भाषण देने के लगाए आरोप के जवाब में श्रम मंत्री यादव ने कहा कि ममता का दिमाग संतुलन में नहीं है, जो हिन्दू संगठनों को उग्रवादी बताती है।
ममता को हिंदुत्व छोड़ देना चाहिए। यादव ने कहा कि किसी को कानून नहीं तोडऩा चाहिए। कानून का कोई भी उल्लंघन करेगा तो उसे कठोर सजा मिलेगी। जिले में समुदाय विशेष के लोग आए दिन गायों की गाड़ी भरकर ले जाते हैं। बहुसंख्यक समाज बर्दाश्त करे तो भी कितना। अब बर्दाश्त करने का समय समाप्त हो चुका है।
गोतस्करी बंद करने की अपील
जसवंत यादव ने 4 दिन पहले दिए गए बयान में मुसलमानों से गोतस्करी बंद करने की अपील की थी। जसवंत यादव ने मुसलमानों से हिंदूओं की भावनाओं को समझने व गोतस्करी बंद करने की अपील की। जसवंत यादव ने कहा कि वे गोतस्करी के साथ कानून हाथ में लेने वालों के भी खिलाफ हैं। जसवंत ने कहा कि वे रकबर की मृत्यु का सवाल है, वे इस पर शोक प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने का हक किसी के पास नहीं है।
उन्होंने कहा कि कल भी यही बात कही थी कि कानून हाथ मे लेना एक जघन्य अपराध है। लेकिन मुस्लिमों और गौतस्करों को हिन्दुओं की भावनाओं का ख्याल रखना पड़ेगा। इसलिए देश में भाईचारा बना रहे। हर हिन्दू और हिन्दुस्तानी गाय को माता मानता है। इसलिए देश में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है। गाय माता का जितना हिन्दू सम्मान करता है उतना ही मुस्लिमों और इसाई भाइयों का दायित्व है कि गाय को वही आदर और सम्मान दें जो हर हिन्दू गाय को देता है। उन्हें भी हिन्दुस्तान की माता मानी जाने वाली गाय को मां मानना चाहिए। यही नहीं मंत्री जसवंत यादव ने पुलिस को आड़े हाथ लेकर कहा अगर पुलिस ईमानदार होती तो न पहलू खान मरता और न गोतस्करी होती। इसमें जितने गोतस्कर जिम्मेदार हैं उतनी ही पुलिस भी जिम्मेदार है। यह खेल पुलिस की मिलीभगत से चलता है।अगर पुलिस चाहे तो गोतस्करी रुक सकती है।





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