राजसमंद. आध्यात्मिक गौमुख स्कूल से पन्नाधाय बालिका गृह में स्थानान्तरित 67 बालिकाओं में शामिल धौलपुर के राजाखेड़ा की किशोरी के बालिग हो गई। फिर भी उसे बालिका गृह से नहीं छोडऩे को लेकर परिजनों ने सवाल उठाए। युवती को ले जाने के लिए मां व पिता दोनों ने बाल कल्याण समिति के समक्ष आवेदन कर दिया, जिस पर समिति ने युवती की इच्छानुसार दोनों से मुलाकात करवा दी, मगर उसे नहीं छोड़ा। इसको लेकर गौमुख स्कूल के अनुयायियों ने भी आपत्ति जताते हुए विरोध किया।
पीर बावजी स्थानक के पास होटल के पीछे भवन में संचालित आध्यात्मिक गौमुख स्कूल से 4 जुलाई को बाल कल्याण समिति ने 67 बालिकाओं को आसरा विकास संस्था के पन्नाधाय बालिका गृह में शिफ्ट कर दिया। इसमें धौलपुर के राजाखेड़ा गांव की बेटी भी शामिल थी, जो 4 जुलाई को 18 वर्ष से कम थी, मगर 6 जुलाई को अठारह वर्ष की होकर बालिग हो गई। इस पर युवती की मां ने बालिका गृह से मुक्त कराने के लिए बाल कल्याण समिति अध्यक्ष भावना पालीवाल को अर्जी लगाई। इसी तरह धौलपुर से युवती के पिता राजेंद्र राठौड़ भी पहुंच गए और समिति के समक्ष युवती को साथ ले जाने की अर्जी लगाई। समिति अध्यक्ष द्वारा युवती की इच्छा के मुताबिक उसे उसकी मां व पिता दोनों से मिलवा दिया, मगर उसे कानूनी तौर पर सुपूर्द करने से इनकार कर दिया। बताया गया कि अब धौलपुर की बाल कल्याण समिति के माध्यम से ही परिजनों को सौंपी जाएगी। इसके लिए आदेश जारी कर दिए, जिससे पुलिस उसे धौलपुर ले जाएगी।
समिति नहीं मान रही कानून
धौलपुर की किशोरी जब बालिग हो गई, तो उसे तत्काल छोड़ देना चाहिए। इसके लिए मां ने बाल कल्याण समिति में लिखित अनुरोध भी किया। समिति की मनमानी अब कानून पर भी भारी पडऩे लगी है।
अमोल कोकणे, अधिवक्ता आध्यात्मिक गौमुख समिति
धौलपुर समिति करेगी सुपूदर्गी
सर्वोच्चतम हित को देखते हुए व धारा 95 के तहत समिति ने युवती को बाल कल्याण समिति धौलपुर को स्थानान्तरित कर दिया है। अब इस प्रकरण का निस्तारण धौलपुर समिति द्वारा ही किया जाएगा।
भावना पालीवाल, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति





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