नाथद्वारा. पाखंड से बेटे-बेटी को पढऩे के लिए ननिहाल भेजने की बात को लेकर रविवार को पति ने उसी की पत्नी की निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना करने के बाद पति को हिरासत में ले लिया। शव का पोस्टमार्टम सोमवार सुबह होगा।
वृत निरीक्षक महिपाल सिंह सिसोदिया ने बताया कि पाखंड में पारस कुंवर राजपूत (३५) की उसी के पति महेन्द्रसिंह राजपूत ने हत्या कर दी। बाद में उसके शव पर रजाई ओढ़ा दी और महेंद्रसिंह घर पर ही बैठा रहा।
इधर, पीहर पक्ष से धींधागढ़ निवासी भैरूसिंह मादरेचा ने उसी के जीजा महेंद्रसिंह के खिलाफ शराब पीकर उसकी बहन की हत्या का आरोप लगाया। बताया कि जीजाजी आए दिन उसकी बहन से मारपीट करते थे। पति-पत्नी के झगड़े के चलते वह भाणेज गोविंद व भान्जी खुशी कुंवर को भी धींधाकड़ विद्यालय में ही प्रवेश दिला दिया। उसके बाद पति व पत्नी में बेटे व बेटी को ननिहाल भेजने को लेकर विवाद ज्यादा बढ़ गया। पुलिस ने आरोपित पति महेंद्र सिंह को हिरासत में ले लिया।
तोड़े पैर, सिर पर चोट के निशान
बताया कि महिला के पैर तोड़ डाले और उसके सिर पर भी चोट के निशान मिले। शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान पाए गए। बताया कि बेटे बेटी के ननिहाल चले जाने के बाद पति व पत्नी अकेले ही घर में रह रहे थे।
बच्चों से भी मारपीट
आरोप है कि महेन्द्रसिंह उसकी पारस के साथ बेटे गोविंद से भी मारपीट करता रहता था। छह में कई बार मारपीट हुई। मारपीट से बेटे गोविंद के सिर में भी गंभीर चोट आ चुकी है। गर्मी की छुटिटयों में महिला उसके बेटे व बेटी के साथ पीहर में रह रही थी और विद्यालय खुलने के बाद महेंद्रसिंह इसी शर्त पर पत्नी को पाखंड ले गया कि अब वह मारपीट नहीं करेगा।
टीसी को लेकर जताया एतराज
गोविंद व खुशी की पाखंड विद्यालय से टीसी कटवाने पर भी महेंद्रसिंह द्वारा एतराज जताया गया। फिर दोनों बच्चों को धींधाकड़ के पास बाछेड़ा विद्यालय में प्रवेश दिलवा दिया, जहां अध्ययरत है।





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