राजसमंद. आसरा विकास संस्था के पन्नाधाय बालिका गृह में शिफ्ट की गई 6 7 किशोरियों के नाम, पते व परिजनों को लेकर कई विरोधाभास जानकारियां सामने आ रही है। किशोरियों ने जो जानकारी दी, वह दस्तावेजों से मेल नहीं खा रही है। इसके चलते असमंजस की स्थिति बन गई है कि आखिर मूल निवास स्थल कौनसा है और परिजन सही है या नहीं।
बालिका गृह में बाल कल्याण समिति की अब तक की जांच में यही सबकुछ सामने आया। एक किशोरी के दो दो आधार कार्ड बने हुए मिले। समिति द्वारा स्कूल में प्रवेश संबंधी रिकॉर्ड खंगाले और उस आधार पर सभी किशोरियों को उनके पैतृक स्थल पर भेजने की तैयारी की। फिर हर किशोरी का पहचान पत्र, विद्यालय अंकतालिका, जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड के साथ अन्य दस्तावेजों की जांच की गई, तो प्रवेश पत्र के रिकॉर्ड में अलग पता अंकित था और व्यक्तिगत दस्तावेजों में अलग पता निकला। एक किशोरी के प्रवेश पत्र में पता पश्चिम बंगाल का दिया, जबकि आधार कार्ड सिरोही जिले का बना हुआ मिला। इसी तरह कई बच्चियों के परिजनों के बारे में भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है और नही किशोरियों द्वारा कोई स्पष्ट जानकारी दी जा रही है। अब तक की जांच के मुताबिक कुछ किशोरियां अनाथ भी हो सकती है, जिनके माता-पिता के बारे में स्पष्ट पता ही नहीं चल पा रहा है। क्योंकि न तो किशोरियों के पास दस्तावेज है और न ही विद्यालय द्वारा उपलब्ध करवाए। इस कारण असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
राजसमंद. यहां मिली किशोरियों में से एक के पिता राजेन्द्र राठौड़ ने धौलपुर बाल कल्याण समिति को उसकी बेटी को बंधक बनाकर रखने और उसका ब्रेन वॉश करने की शिकायत की है। राजसमंद सीडब्ल्यूसी की ओर से मिले पत्र के बाद धौलपुर की समिति ने बच्ची के पिता से सम्पर्क किया, तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई।
धौलपुर समिति सूत्रों के मुताबिक राठौड़ राजाखेड़ा में पंचायत प्रसार अधिकारी हैं। राजसमंद समिति से मिली चिट्ठी पर उन्होंने राठौड़ से सम्पर्क किया। पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी का ब्रेन वॉश करके उनके परिवार से दूर कर दिया गया है। वे बच्ची को वापस ले जाना चाहते हैं। उन्होंने संस्था के कामकाज पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि परिवार के कई सदस्य इनके झांसे में आ चुके हैं। यह संस्था उन्हें बर्बाद कर रही है। बच्ची और पत्नी का ब्रेन वॉश करने का आरोप लगाया। राठौड़ ने समिति को यह भी बताया कि उन्होंने एफआईआर दर्जकराना चाही, तो पुलिस ने टरका दिया। संस्था के लोगों ने भी पिता को झूठे केस में फंसाने का दबाव बनाया। बताया गया कि बच्ची नाबालिग है। अभी पिता ने लिखित में कोई शिकायत नहीं दी है, लेकिन फोन पर आठ-दस बार हुईबातचीत के बाद समिति अध्यक्ष ने धौलपुर एसपी को भी पत्र लिखकर जिलेभर में चल रहे धार्मिक शिक्षा संस्थानों की जांच करने, उनके पंजीयन और तमाम प्रबंधन की तथ्यात्मक रिपोर्टतैयार करने को कहा है। इधर, समिति ने राजसमंद के बालिका गृह में रह रही बच्ची से बातचीत की। वह पूरी तरह स्वस्थ लग रही है।
पूरे मामले की तह तक जाएंगे
मामले को लेकर हम भी चिंतित हैं। पूरी तह तक जाएंगे। हालांकि बच्ची से बातचीत में नहीं लगा कि वह दबाव में है। हमारे पास आने के बाद उसकी दोबारा काउंसलिंग करवाएंगे। बच्ची की जिम्मेदारी बाल कल्याण समिति की है। बालिग होने तक वह हमारे पास रहेगी। उसके बाद भी बालिका गृह में रखा जा सकता है। काउंसलिंग रिपोर्टके आधार पर उसके सर्वोत्तम हित में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को भी जांच के निर्देश दिए हैं।
विजेन्द्र सिंह परमार, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष, धौलपुर





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