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अतिक्रमण से कहां मुक्त कराई करोड़ो की जमीन


चित्तौडग़ढ़. मास्टर प्लान में दर्शाई गई साठ फीट सड़क सहित नगर परिषद की करीब एक-डेढ बीघा जमीन को शुक्रवार को अतिक्रमण मुक्त करवा दिया गया। अतिक्रमियों से मुक्त कराई गई इस जमीन की कीमत करोड़ों में है। यह जमीन नगर परिषद के नाम दर्ज है। भूमाफियाओं ने इस जमीन पर गरीब तबके के लोगों को अवैध कब्जे एक से डेढ लाख रुपए में बेच कर अतिक्रमण करवा दिया था।
मामला शहर के गांधी नगर क्षेत्र में भीलों की झोंपडिय़ां से आगे घटियावली रोड़ से जुड़ा हुआ है। यहां नगर परिषद ने आराजी नम्बर १२४५/१२१६, १२४६/१२१७ तथा १२४७/१२१८ पर कॉलोनिया काटकर पट्टे जारी कर दिए। बड़ी संख्या में लोगों ने पट्टों के आधार पर मकान बनाने के लिए भूखण्ड खरीद लिए। उप नगर नियोजक और नगर परिषद चित्तौडग़ढ़ ने यह आराजी रूपांतरित कर शेष भूमि रोड़, पार्क, मास्टर प्लान में प्रस्तावित साठ फीट रोड़ व अन्य सुविधाओं के लिए छुड़वा रखी है। नगर परिषद की ओर से साठ फीट रोड़ बनाने व अन्य सुविधाओं के लिए छुड़वाई गई जमीन पर लोगों ने अवैध रूप से कच्चे-पक्के मकान बनवा लिए। कई जगह पत्थर डालकर अवैध कब्जे कर लिए है, ऐसे में असली पट्टाधारी लोगों के भूखण्ड पर जाने के रास्ते तक बंद हो गए।
अवैध निर्माणों और कब्जों के बारे में कई बार सम्पर्क पोर्टल पर भी शिकायतें की गई। नगर परिषद के पिछले बोर्ड ने नवंबर २०१२ में यहां से अवैध अतिक्रमण हटवाए थे, लेकिन निगरानी के अभाव में व साठ फीट सड़क सहित अन्य सुविधाएं शुरू नहीं करने से यहां फिर से अवैध निर्माण और कब्जे शुरू हो गए। आरोप है कि सरकार की इस जमीन पर भूमाफिया गरीब तबके के लोगों को पट्टे दिलाने का झांसा देकर पचास हजार रुपए से लेकर एक लाख रुपए तक में कब्जे बेचने के अवैध काम में लगे हुए थे।
पत्रिका ने उजागर किया था मामला
पत्रिका ने २२ अप्रेल २०१८ के अंक में 'मास्टर प्लान से छेड़छाड़, सरकारी भूमि पर कब्जों का खेलÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर करोड़ों की जमीन पर कब्जों के इस खेल को उजागर किया था। विधायक चन्द्रभानसिंह व नगर परिषद सभापति सुशील शर्मा ने इस मामले को गंभीर मानते हुए अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए। शुक्रवार को नगर परिषद से अतिक्रमण निरोधी दस्ते के प्रभारी कमलेन्द्रसिंह व दस्ते के अन्य सदस्य पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंचे और मौके पर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। जेसीबी के जरिए वहां अतिक्रमण के लिए लगाए गए पत्थरों के ढेर हटाए गए।

 



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