बांदीकुई.
बारिश शुरू होने के साथ ही वन विभाग की ओर से पौधरोपण एवं पौध वितरण की तैयारियां पूरी कर ली गई है। रविवार से पौध वितरण का कार्य शुरू होगा। पीचूपाड़ा टोल प्लाजा के समीप स्थित नर्सरी में करीब 30 हजार पौधे तैयार किए गए हैं। इसमें प्रति पौधा 5 रुपए दर तय की गई है। अमरूद, अनार, नीबू, शीशम, गुलमोहर, केसिया शामा, नीम, गुलाब, सहजना, सहमल, गुडैल एवं तुरैल के पौधे तैयार किए गए हैं। क्षेत्रीय वन अधिकारी कर्णसिंह ने बताया कि पांच जगहों पर वृक्ष कुंज विकसित किए जाएंगे। इन वृक्ष कुंजों में करीब 4-4 सौ पौधे लगाकर वनकर्मियों द्वारा सार-संभाल की जाएगी।
ये वृक्षकुंज सुमेल, दुब्बी, रलावता, नानगवाड़ा गूजरान एवं अनंतवाड़ा में विकसित किया जाएंगे। इसके लिए भूमि का चयन कर गड्ढे खुदाई का कार्य भी शुरू कर दिया है। इसके अलावा राजेश पायलट राजकीय महाविद्यालय को हरा-भरा करने के लिए प्लांटेशन किया जाएगा। इसमें भी करीब 2 हजार पौधे लगाए जाने के लिए गड्ढे खोदकर पौधरोपण का कार्य भी शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि पौधों की मांग बढ़ती है तो अन्य नर्सरियों से पौधे मंगवाकर वितरण किए जा सकेंगे।गत वर्ष की तुलना में इस बार मात्र 25 फीसदी ही पौधे तैयार किए गए हैं। गत वर्ष इस नर्सरी में करीब 1 लाख 20 हजार पौधे तैयार किए गए थे। जबकि इस वर्ष मात्र 30 हजार पौधे ही तैयार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से आवंटित लक्ष्य के मुताबिक पौधे तैयार किए जाते हैं। इस बार मात्र 30 हजार पौधों का ही लक्ष्य दिया गया है। उल्लेखनीय है कि पहले क्षेत्रीय वन अधिकारी कार्यालय में नर्सरी तैयार की जाती थी, लेकिन यहां पानी की कमी के चलते पीचूपाड़ा में पौधे तैयार किए जा रहे हैं।
दौसा . वाणिज्यिक कर भवन में शनिवार सुबह पौधारोपण किया गया। राज्य कर अधिकारी सुरेश कट्टा ने बताया कि 11 पौधे लगाकर शुरुआत की गई। इस मौके पर राज्य कर अधिकारी हिंदू सिंह सहित अन्य मौजूद थे।
सिकंदरा.
गढ़ विद्युत सब स्टेशन पर शनिवार को सहायक अभियंता महेन्द्र मीणा व जनप्रतिनिधियों ने पौधारोपण किया। दो दर्जन से अधिक पौधे लगाए गए। इस मौके पर भाजयुमो मण्डल अध्यक्ष सुरेन्द्रसिंह चौहान, पूर्व प्रधान लटूरमल सैनी, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष हीरालाल सैनी, सम्पतङ्क्षसह राजपूत, सुरजनमल मीना, अकबर खान, राधामोहन शर्मा, सरपंच पूरण बैरवा, किशोरीलाल सैनी, रंगलाल मीना, कमल, रामोतार, धर्मसिंह, दिलीप, उमेश आदि मौजूद थे।





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