लालसोट. सरकारी उपेक्षा का आलम यह है कि मौत के बाद भी महिला की आबरू को साड़ी की ओट में ही सुरक्षित रखा गया। लालसोट उपखण्ड मुख्यालय पर मोर्चरी नहीं होने के कारण रातभर महिला का शव पुलिस थाने में एक वाहन में रखा रहा। मंंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के लिए शव को कोथून रोड स्थित मोक्षधाम ले गए। वहां भी कोई सुविधा नहीं होने के चलते शव को खुले में ही एक तिबारे में रख दिया और साड़ी की ओट में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया।
गौरतलब है कि कई दशकों से लालसोट में खुले में ही पोस्टमार्टम कराया जाता है। महिला या युवती का शव होने पर पुलिस के समक्ष परेशानी होती है। दरअसल उपखण्ड के चौण्डियावास गांव की ढंड की ढाणी में सोमवार रात एक विवाहिता ने ससुराल में फंदे से झूलकर जान दे दी। घटना के बाद मौके पर पहुंची लालसोट पुलिस शव को ले आई तथा मंगलवार सुबह मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को पीहर पक्ष के सुपुर्द कर दिया।
थाना प्रभारी राजेन्द्र मीना ने बताया कि पांची देवी (23) पत्नी कैलाश मीना की शादी तीन साल पूर्व हुई थी। घर पर फंदे से झूलकर आत्महत्या करने की घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच अधिकारी एसडीएम नवरत्न कोली के निर्देशन में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को परिजनों के सुपर्द कर दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले को लेकर मृतका के पिता श्योजीराम मीना निवासी पीपलिया की प्राथमिकी को मर्ग में दर्ज करते हुए घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
बजट स्वीकृत करने के निर्देश
पत्रिका से बातचीत में मोर्चरी नहीं होने पर उपखण्ड अधिकारी नवरत्न कोली ने भी हैरानी जताते हुए तुरंत नगरपालिका अध्यक्ष जगदीश सैनी से बात की। इसके बाद सैनी व पालिका उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम जोशी कोथून रोड स्थित मोक्षधाम पर पहुंचे। एसडीएम ने मोर्चरी निर्माण के लिए बजट स्वीकृत करने के निर्देश दिए। पालिका अध्यक्ष ने मोर्चरी का निर्माण होने तक मोक्षधाम के एक तिबारे में वैकल्पिक प्रबंध करने भरोसा दिया। (नि.प्र.)





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