चकुंडा में मकान की दीवारी गिरी
दलोट निकटवर्ती चकुंडा में हाल ही में तेज बारिश के चलते एक मकान की दीवार गिर गई है। इससे काफी नुकसान हो गया। चकुंडा निवासी अनोखीलाल खारोल के मकान की सामने वाली मुख्य दीवार गिर गई। गनीमत रही कि इस वक्त घर के आस पास कोई मौजूद नहीं था अनोखीलाल ने बताया कि दीवार गिरने से कुछ समय पहले ही अपनी पत्नी गट्टूबाई के साथ दलोट में तिरपाल खरीदने के लिए गया था। उसकी बेटी जया और छोटा पुत्र राज घर के बाहर खेल रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि पीडि़त ने अपना खेत गिरवी रखकर कुछ महीने पहले मकान बनाया था। लगातार हुई मूसलाधार बारिश की वजह से मकान की दीवार गिर गई। अन्य दीवारों में भी दरारें हो गई है। जिससे पूरा परिवार सदमे में है। पीडि़त की माली हालत कमजोर होने की वजह से ग्राम पंचायत से भी मदद की गुहार लगाई है जिस पर ग्राम पंचायत द्वारा उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। इस संबंध में सरपंच बिजलीबाई मीणा का कहना है कि तेज बारिश से इसमें जांच कर उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
प्रतापगढ़
जिला चिकित्सालय के क्षय रोग निवारण केन्द्र परिसर में पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है।ऐसे में यहां के कमरों में पानी भरा हुआ है। बाहर नाली टूटी हुई है। इससे यह समस्या हो रही है।इस संबंध में 108 कर्मचारियों ने कई बार जिला चिकित्सालय प्रशासन को अवगत कराया। इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
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ट्रैक्टर-ट्रॉली ने मासूम को कुचला, मौके पर ही मौत
पुलिस ने जब्त की ट्रैक्टर-ट्रॉली, ओरापित फरार
पानमोड़ी(प्रतापगढ़) यहां गांव में रविवार सुबह एक ट्रेक्टर-ट्रॉली ने मासूम को कुचल दिया।इससे मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की है। पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया है।
गांव के चेतन शर्मा का आठ वर्षीय पुत्र लक्ष्य साइकिल चला रहा था। इस दौरान सामने आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उसे कुचल दिया।इससे लक्ष्य की मौके ही पर दर्दनाक मौत हो गई। ग्रामीणों की माने तो ट्रेक्टर एक नाबालिग लडक़ा चला रहा था। जो मौके से भाग गया। दुर्घटनाके तुरंत बाद ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। लक्ष्य का सिर पूरी तरह बिखर गया। सूचना पर रठांजना पुलिस भी मौके पर पहुंची। शव को थड़ा चिकित्सालय ले जाया गया। जहां पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।
परिजन हुए अचेत
दुर्घटना की जैसे ही परिजन को सूचना मिली। सभी मौके पर दौड़ पड़े। जहां दर्दनाक वाक्या देखा तो बेसुध होग गए। चेतन ने क्षत-विक्षत शव देखा और अचेत हो गए। लक्ष्य की मां संगीता भी बार बार-बार बेसुध हो रही थी। अन्य लोगों ने परिजनों को संभाला।
परिवार का एक मात्र लाडला था लक्ष्य
पूरे परिवार में सिर्फ लक्ष्य ही एक मात्र पुत्र था।जो पूरे परिवार का आंखों का तारा था। लक्ष्य की दर्दनाक मौत से परिजनों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा।





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