महवा। दाैसा जिले में पीपलखेड़ा के जंगलों में एक नर कंकाल मिला है। कंकाल एक माह पुराना बताया जा रहा है। पुलिस उपाधीक्षक राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि कंकाल के कपड़े एक माह पूर्व बालाहेड़ी चौकी से गायब हुए युवक से मिलने के कारण शव भीलवाड़ा के उदयपुरिया निवासी रामप्रसाद का बताया जा रहा है। डॉग स्क्वायड टीम भी माैके पर पहुंची। मामले की जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार भीलवाड़ा के बिजोलिया थाना इलाका के उदपुरिया निवासी रामप्रसाद पुत्र देवीलाल को बालाहेड़ी चौकी क्षेत्र से 29 मई को पुलिस पकड़कर ले गई और चौकी पर बैठा दिया। कई घंटे बैठाए रखने के बाद पुलिस ने युवक के परिजनों को भी सूचना दे दी कि वह उनके बेटे को ले जाएं, लेकिन जब परिजन उसे लेने बालाहेड़ी पुलिस चौकी पहुंचे तो युवक वहां नहीं मिला।
युवक के कपड़े, एक थैला, 3800 रुपए तथा मोबाइल पुलिस ने परिजनों को थमा दी और रामप्रताप के वहां नहीं होने की जानकारी दे दी। मामले को लेकर युवक के परिजनों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
तत्कालीन चौकी प्रभारी दौलतसिंह ने बताया कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही थी। वह एक ट्रोला चालक से विवाद कर रहा था। उसे पुलिस चौकी ले आई और परिजनों को सूचना दे दी। 29 मई को गुर्जर आंदोलन में मृतकों को श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम था। इसमें पुलिस स्टाफ व्यस्त रहा और वह युवक पीछे से कहीं चला गया। अब यह जांच का विषय है कि वह युवक कहां गया।
वहीं एडवोकेट गिरिश खंडेलवाल ने बताया कि युवक के परिजनों ने चौकी प्रभारी के खिलाफ उच्य न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट लगाई है। युवक के भाई सत्यनारायण ने बताया कि उनके पास 29 मई को सुबह महुवा से मोबाइल पर फोन आया कि उसके भाई को गिरफ्तार कर रखा है। उसे यहां से छुड़ा ले जाओ, लेकिन वहां पहुंचने पर वह गायब मिला।





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