दौसा. ग्राम पंचायत मालगवास गांव मेंं कुत्ते के काटने से एक जने की करीब तीन माह बाद रेबीज से मौत हो गई। सूचना पर चिकित्सा विभाग की टीम ने ऐहतियात के तौर पर मंगलवार दोपहर गांव पहुंचकर परिजनों के एन्टीरेबीज वेक्सीन लगाई।
जानकारी के अनुसार मालगवास निवासी हनुमानसहाय को करीब तीन माह पहले श्वान ने काट लिया था, लेकिन तब एन्टीरेबीज वेक्सीन नहीं लगवाई थी।
ऐसे में तबीयत खराब होने पर परिजनों ने उसे एमएसएस जयपुर में भर्ती कराया। वहां चिकित्सकों ने रेबीज होने की बात कही। उपचार के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही चिकित्सा विभाग के कार्यवाहक ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. अमित राय मय टीम के गांव पहुंचे। उन्होंने बताया कि संक्रमण की आशंका के चलते ऐहितयात के तौर पर सभी परिजनों के एन्टीरेबीज वेक्सिन लगाई है। गौरतलब है कि जिले में प्रतिवर्ष श्वान सैंकड़ों लोगों पर हमला कर रहे है। जिला अस्पताल में ही प्रति सप्ताह 30-35 डॉग बाइट के केस आ रहे हैं।
जिम्मेदार हुए बेपरवाह
जिले के प्रमुख शहर एवं कस्बों में बंदरों, श्वानों एवं अवारा जानवरों का आतंक है। बंदरों के डर से लोग छत से गिर जाते हैं तो श्वानों के डर से कई बार बाइक से फिसल जाते हैं। ऐसे में परेशान होकर लोग बार-बार इन्हें पकडऩे की मांग भी कर रहे है, लेकिन किसी के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
सिलिकोसिस पीडि़त कन्हैयालाल को मिला एक लाख का मुआवजा
सिकंदरा. कस्बे के गादला ढाणी में सिलिकोसिस पीडि़त कन्हैयालाल सैनी को उपचार के लिए श्रम विभाग ने एक लाख रुपए की सहायता राशि दे दी है। श्रम कल्याण अधिकारी विक्रम सिंह ने बताया कि कन्हैयालाल के बैंक खाते में राशि जमा करा दी। कन्हैयालाल के परिवार के सदस्यों ने खाते में रुपए पहुंचने पर पत्रिका का आभार जताया।
गौरतलब है कि एक साल से बीमार कन्हैयालाल का परिवार आर्थिक तंगहाली के कारण घर पर ही ऑक्सीजन सिलेण्डर लगाकर कन्हैयालाल का उपचार करा रहे थे। गत छह माह से मुआवजा राशि के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे। इसको लेकर राजस्थान पत्रिका ने 19 जून को 'मौत से जूझ रहे कन्हैयालाल को सरकारी मदद की दरकारÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर मरीज की पीड़ा व सरकारी तंत्र की लापरवाही उजागर की।
इससे हरकत में आए अधिकारियों ने कन्हैयालाल के घर पहुंचकर दस्तावेज जुटाए। मुआवजा राशि के लिए फाइल तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी। अब कन्हैयालाल के खाते में एक लाख की राशि जमा हो गईहै। महात्मा ज्योतिबा फुले सिकराय अध्यक्ष घासीलाल सैनी, सैण्ड स्टोन समिति अध्यक्ष आर पी सैनी, सैनी समाज के जिलाध्यक्ष कैलाश सैनी, मिंटूराम सैनी आदि ने पत्रिका के प्रयासों की सराहना की।






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