ओम टेलर
मारवाड़ जंक्शन (पाली). सिरियारी थाना क्षेत्र के फुलाद के निकट निचला कारवाड़ा गांव में शुक्रवार देर शाम को एक व्यक्ति अपनी दो बेटियों संग फांसी के फंदे पर झूल गया। इससे तीनों की मौत हो गई। जब मृतक की पत्नी रेखा काम से घर लौटी तो घटना का खुलासा हुआ। पुलिस ने तीनों मृतकों के शव जोजावर हॉस्पिटल में रखवाए हैं। मृतक पिता बीमारी से पीडि़त बताया जा रहा था। एएसआई मनोज पुरी ने बताया कि सुरेंद्र (३०) पुत्र मोहनसिंह रावत तथा उसकी मासूम बेटी सोनू (७) व प्रियंका (४) के शव घर में फंदे पर झूलते मिले। आशंका जताई जा रही है कि सुरेंद्र ने दोनों बेटियों को फांसी पर लटकाने के बाद खुद आत्महत्या कर दी। देर शाम को मृतक की पत्नी रेखा काम से घर लौटी तो उसके होश उड़ गए। उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी घर पहुंचे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। बताया जा रहा है कि सुरेंदर नि:शक्त हो गया था। बताया जा रहा है कि परिवार के लोगों ने उसके इलाज पर करीब साढ़े चार लाख रुपए खर्च किए थे। लेकिन उसका उपचार नहीं हो पाया। एेसे में घर की सारी जिम्मेदारी रेखा पर आ गई थी। पुलिस ने फिलहाल मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की है।
pali# Rajsthan#लोगों के रुपए पार करने वाली महिला गैंग आई पुलिस की पकड़
तखतगढ़. बैंकों से नकदी की निकासी करवाकर निकलने वाले लोगों के रुपए चुराने वाले मध्यप्रदेश के गिरोह की तीन शातिर महिलाओं व एक युवक को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने तखतगढ़ में १४ जुलाई को बैंक से रुपए निकाल कर आ रही राजपुरा निवासी भूरीदेवी पत्नी ओबाराम देवासी के बैग से ५० हजार रुपए चुराने के साथ ही राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, पंजाब में इस तरह की सैकड़ों वारदातें करना स्वीकार किया है।
सुमेरपुर वृत्ताधिकारी अमरसिंह ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर तलाश की तो फालना में एक धर्मशाला में एक महिला की आइडी हाथ लगी। पुलिस उसे आधार मानते हुए तलाश करते हुए अम्बाजी (गुजरात) पहुंची। अम्बाजी से २० किलोमीटर दूर दांता गांव में रोडवेज बस की तलाशी के दौरान गैंग की मध्यप्र्रदेश के राजगढ़ तहसील के गुलखेड़ी, जाट खेड़ी व कडिय़ा गांव निवासी रूखसाना पति बालकृष्ण, लक्ष्मी पत्नी राजेश, अर्चना सांसी व रूखसाना के पति बालकृष्ण को पकड़ा। पूछताछ में इन्होंने तखतगढ़, शिवगंज, सिरोही, उदयपुर, टोंक, कोटा, सवाई माधोपुर के अलावा गुजरात, पंजाब में इस तरह की सैकड़ों वारदातें करना स्वीकार किया।
जहां ठहरते, वहां नहीं करते थे वारदातें
गैंग की महिलाएं जिस शहर में रहती थी, वहां किसी तरह की वारदात नहीं करती थी। अधिकतर वारदातें उन शहरों में की, जहां रेलवे स्टेशन हो, ताकि आसानी से फरार हो सके। पुलिस को चकमा देने के लिए इस गैंग की महिलाएं साथ में कपड़े आदि बेचने का सामान व बच्चों को रखते है। गिरोह की मुखिया रूखसाना करीब आठ माह पूर्व सुमेरपुर-शिवगंज आई थी। उसके साथ निशा व पुतली नाम की दो और महिलाएं भी थी।
मैला लगाकर भी करते हैं वारदात
गैंग की कुछ महिलाएं बैंक से रुपए निकालने वालों पर नजर रखती और अपने साथ लाए नाबालिग बच्चों से उनके कपड़ों पर मैला लगवाकर उनका ध्यान भंग करवाती। जब वहां भीड़ जुट जाती तो गिरोह की महिलाएं मौका देख रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो जाती।





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