जैसलमेर. जैसलमेर नगरपरिषद कार्यालय में शनिवार को वाल्मीकि समाज के लोगों ने हाल में की गई सफाईकर्मियों की भर्ती में नियमों की अवहेलना का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और आयुक्त झब्बरसिंह चौहान का घेराव कर दिया। स्थिति बिगड़ते देख परिषद प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया। इसके बाद थानाधिकारी देरावरसिंह मय जाब्ता वहां पहुंचे। आयुक्त और थानाधिकारी ने गुस्साए लोगों को शांत करने का प्रयास किया और उनकी आपत्तियों से विभागीय मुख्यालय को अवगत करवाने का आश्वासन दिया। आक्रोशित लोगों ने परिषद कार्यालय के विभिन्न कक्षों में पहुंचकर भी आक्रोश जताया।
..इसलिए भडक़े वाल्मीकि समाज के लोग
जानकारी के अनुसार नगरपरिषद जैसलमेर में 33 सफाईकर्मियों की भर्ती करवाई जानी थी, जिनमें से 32 का चयन किया गया।इनमें अनुसूचित जाति के अलावा 2 जने अनुसूचित जनजाति के तथा 6 जने अन्य पिछड़ा वर्ग के चयनित किए गए। एक पद जनजाति का अभ्यर्थी नहीं मिलने के कारण रिक्त छोड़ा गया। विरोध का मुख्य कारण यही रहा। वाल्मीकि समाज के लोगों का कहना था कि, वे हमेशा से सफाई कार्य करते आ रहे हैं। ऐसे में अन्य वर्गों के लोगों को चयनित नहीं किया जाना चाहिए था। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन परिवारों के सदस्यों के पास पहले से सफाई कर्मचारी की स्थायी नौकरी है, उनके सदस्यों का चयन भी कर दिया गया। जबकि अन्य लोग जो सालों से ठेके पर सफाई कार्य करते आ रहे हैं, वे वंचित रह गए। उन्होंने भर्ती में लॉटरी प्रक्रिया से किनारा करने का आरोप भी परिषद प्रशासन लगाया।
नियमानुसार ही की नियुक्तियां
सरकारी नियमों के अनुसार ही सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी करवाई गई है। उच्च न्यायालय में वाल्मीकि समाज के लोगों को ही भर्ती में अवसर दिए जाने की रिट को खारिज किया जा चुका है। सरकारी नियुक्तियों में वर्गवार भर्ती की प्रक्रिया को पूरी तरह से अपनाया गया है।
-झब्बरसिंह चौहान, आयुक्त, नगरपरिषद, जैसलमेर





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