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प्रदेश के इस स्कूल में बच्चों को मिल रही है देसी घी में बनी गरमागरम दाल-बाटी और मीठा दूध, शिक्षित युवाओं ने संभाला शिक्षा का मोर्चा

शाहपुरा। राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में जहां बच्चों को फीका दूध पिला रही है वहीं शाहपुरा ब्लॉक के गणेशपुरा गांव में ग्रामीणों ने एक मकान में खोले अस्थाई स्कूल में बच्चों को देसी घी से बनी गरमागरम दाल बाटी खिलाई तो इससे पूर्व बच्चों को मीठा दूध पिलाया। शिक्षक के स्थानांतरण से खफा ग्रामीण सात दिन से आंदोलनरत है तथा बच्चों को सरकारी स्कूल में नहीं भेज रहे हैं। बच्चों की पढाई खराब नहीं हो इसके लिए ग्रामीणों ने एक मकान में अस्थाई स्कूल खोल दिया है, जिसमें गांव के ही पांच शिक्षित युवा बच्चों को पढ़ा रहे हैं।


जानकारी के अनुसार विद्यालय के एक शिक्षक के स्थानान्तरण व अन्य मांगों को लेकर ग्रामीण गत सप्ताह से प्रदर्शन नारेबाजी एवं आन्दोलन कर रहे हैं। विभागीय एवं प्रशासनिक कोई अधिकारी ग्रामीणों की नही सुनने से ग्रामीण अपने बच्चों की विद्यालय से टीसी कटवा रहे हैं। आन्दोलन के आठवें दिन बच्चों व महिलाओं ने विद्यालय के बाहर सरकार विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। एक भी विद्यार्थी नहीं पहुंचा स्कूल शिक्षा विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों से मोह भंग होने पर नामांकित विद्यार्थियों ने शाला प्रशासन से टीसी की मांग की। कुल 80 नामांकित विद्यार्थी में से एक भी विद्यार्थी सरकारी स्कूल नहीं पहुंचा।


स्टॉफ के अलावा विद्यालय में बच्चे नहीं पहुंचने पर सन्नाटा पसरा रहा। पढाई खराब नहीं हो इसलिए गांव के एक मकान में शुरू की पढ़ाई गणेशपुरा ग्रामवासियों ने बुधवार को शिक्षक गजेन्द्र सिंह राणावत के स्थानांतरण को निरस्त कर यथावत् रखने की मांग को लेकर आठवें दिन विरोध प्रदर्शन को नया रूप दे दिया। 80 में से 80 बच्चों की टीसी की मांग के बाद सभी ग्राम वासियों ने मिलकर गांव के कल्याण कुमावत के मकान में बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था शुरू कर दी। गांव के शिक्षित युवाओं ने बच्चों के अध्यापन का जिम्मा लिया और कक्षा 8 के बच्चे छोटी कक्षा के बच्चों को पढ़ाते नजर आए। वयोवृद्ध ग्रामीण खनीराम की अगुवाई में ग्रामीणों की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जब तक शिक्षक राणावत वापस गणेशपुरा विद्यालय में नियुक्त नहीं होते हैं तब तक बच्चों की पढ़ाई इसी प्रकार जारी रहेगी।

आन्दोलन क्यो कर रहे है इसके जबाब में ग्रामीण खनीराम, पूर्व पंचायत समिति सदस्य किशन कुमावत आदि ने बताया कि राणावत के प्रयास से गत चार वर्षो से विद्यालय का परीक्षा परीणाम शत प्रतिशत रह रहा है। इधर पंचायत समिति,शाहपुरा के उप प्रधान बजरंग सिंह राणावत इस मामले को लेकर जयपुर में विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल से इस मामले का हल निकालने का भरोसा दिलाया।



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