सीकर. राजस्थान की राजधानी जयपुर में सात जुलाई 2018 शनिवार को प्रस्तावित प्रधानमंत्री मोदी-लाभार्थी जनसंवाद में पुलिस की परेशानी काले रंग ने बढ़ा दी है। 7 मार्च 2018 विश्व महिला दिवस पर झुंझुनूं में हुई प्रधानमंत्री मोदी की रैली में काले झंडे दिखाने के बाद खौफ में आई पुलिस लाभार्थियों की बारे में पड़ताल करने में जुटी है।
पुलिस को सबसे ज्यादा परेशानी काले रंग में कपड़े पहन कर पहुंचने वाले लाभार्थियों को लेकर है। लाभार्थी काले रंग के कपड़ों में नहीं आए इसलिए पहले से समझाइश की जा रही है। लाभार्थियों में अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाएं भी शामिल है जो हिजाब व बुर्का पहन कर ही बाहर निकलती है। पुलिस की माने तो सीधे तौर पर उन्हें काले कपड़ों में रैली में पहुंचने से मना भी नहीं किया जा सकता है।
लाभार्थियों की भी हो रही है पड़ताल
रैली में जाने वाले ब्लॉक स्तर के लाभार्थियों की भी हर स्तर पर पड़ताल की जा रही है। लाभार्थियों की फाइनल सूची में शामिल लोगों की सूचना भी कई जगह थाना स्तर पर पुलिस के बीट कांस्टेबल तक भेजी गई है।
ऐसे सभी लाभार्थियों के बारे में बीट कांस्टेबल जांच करेंगे। जांच में कोई भी ऐसे सूचना लाभार्थियों की बीट कांस्टेबल को मिलती है तो सूचना जिला स्तर पर पुलिस के अधिकारियों को भिजवानी होगी।
बसों पर भी रहेगी पूरी नजर
लाभार्थी जन संवाद के दौरान राजमार्ग से गुजरने वाली सभी बसों के लाभार्थियों पर भी पूरी नजर रखी जाएगी। इसके अलावा विभाग से जाने वाले कार्मिकों के बारे में भी पूरी जानकारी मांगी गई है। रैली के दौरान किसी भी प्रकार की गतिविधि के लिए हर बस का प्रभारी बनाया गया है। इसके साथ ही ब्लॉक स्तर पर भी कई कार्मिकों को सीधे तौर पर जिम्मेदारी सौंपी गई है।





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