हिण्डौनसिटी. तीन दिन की चक्काजाम हड़ताल के बाद राज्य सरकार द्वारा प्रमुख मांगें मानने पर शनिवार से बसों का संचालन सुचारू हो गया। सडक़ों पर रोडवेज बसों के दौडऩे से साधनों के लिए परेशान रहे यात्रियों को राहत मिली है। वहींं रोडवेजकमियों ने सुबह धरना स्थल पर संघर्ष की जीत पर हर्ष जताया।
शुक्रवार देर रात जयपुर से सरकार और रोडवेज श्रमिक संगठनों की वार्ता का सकारात्मक परिणाम के संदेश आने धरना स्थल पर खुशी की लहर दौड़ गई। तेरह सूत्री मांगों में प्रमुख चार मांगें माने जाने पर शनिवार सुबह आगार के द्वार पर एटक, इंटक, सीटू, आरएसआरटीसी रिटायर्ड कर्मचारी एसोसिएशन के सदस्य एकत्र हो गए।
एटक के स्थानीय शाखा अध्यक्ष धारासिंह गुर्जर, सचिव सत्यवीर सिंह डागुर ने बताया कि सरकार ने रोडवेज कर्मियों के बकाया भुगतान के लिए 150 करोड़ रुपए देने, बसों के बेड़े में बढ़ोतरी के लिए एक हजार नई बसें खरीदने तथा युवाओं को रोजगार देने व चालक, परिचालक व मैकेनिकों की कमी की पूर्ति के लिए 800 पदों पर भर्ती करने पर रजामंदी दी है।
फरवरी माह से ज्ञापन, धरना व रैली निकाल आंदोलन कर रहे रोडवेजकर्मियों ने प्रमुख चार मांगोंं के माने जाने का संयुक्त मोर्चा की संघर्ष की जीत बताया। इस दौरान रोडवेजकर्मियों मिठाई खिला कर परस्पर जीत की बधाई दी।
इधर हिण्डौन आगार के मुख्य प्रबंधक बहादुरसिंह गुर्जर ने बताया कि रोडवेज कर्मियों की हड़ताल खत्म होने के बाद बसों का संचालन शुरू हो गया है।
सेवानिवृतों को मिलेगी बकाया राशि
रिटायर्ड कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष यादराम चौधरी व सचिव ने पूरण शर्मा ने बताया कि सरकार ने समझौता वार्ता में बकाया भुगतान देने की मांग मानकर सेवानिवृत कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। 150 करोड़ रुपए में से 100 करोड़ रुपए से सेवानिवृतों का बकाया भुगतान होगा। वहीं 50 करोड़ से सेवारत कर्मचारियों का डीए व अन्य भुगतान किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि सेवानिवृत कर्मचारियों का भुगतान 2014 से बकाया चल रहा है।
पक्ष में आएगी कमेटी रिपोर्ट
एटक के सचिव सत्यवीर सिंह डागुर ने बताया कि सातवे वेतन आयोग के लागू होने का रोडवेजकर्मियों को पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ आईएसएस की अध्यक्षता में गठित समित की रिपोर्ट कर्मचारी हित में आएगी।





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