हिण्डौनसिटी. क्षेत्र में मानसून की दस्तक के बाद मौसम की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। १० दिन पहले हुई बारिश में की गई खरीफ फसल की बुआई को लेकर किसान चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि एक-दो दिन में बारिश नहीं हुई तो बोया गया बीज खराब हो सकता है।
क्षेत्र के किसानों ने बताया कि दस दिन पहले हुई बारिश के बाद खेतों में बाजरा, ज्वार, तिलहन की बुआई की थी। उसके बाद बारिश नहीं होने से खेतों में पपड़ी दिखाई पडऩे से बीज खराब होने की आशंका बढ़ गई है। खेतों में बीज नहीं उग पाए हैं। इससे किसान मायूस हैं। बारिश की कामना को लेकर किसान देवी देवताओं की पूजा अर्चना भी कर रहे हैं।
महगें दामों पर खरीदा था बीज
किसान ब्रहमसिंह, नरेश गुर्जर, मोहन आदि ने बताया कि 450 से 500 रुपए में डेढ़ किलो बीज की थैलियां खरीद कर एवं हल लगे ट्रैक्टरों से महंगी बुआई कराई, लेकिन बारिश के अभाव में बाजरा अंकुरित नहीं होने से खेत खाली रह गए हैं। कुएं एवं बोरवेलों में पानी की कमी के कारण खेतों में रबी की पैदावार नहीं हो पाई थी और अब खरीफ में बाजरा भी अंकुरित नहीं होने से अनाज एवं चारे का संकट खड़ा हो गया है।
इन गांवों में अधिक परेशानी
क्षेत्र के भोपुर, बहादुरपुर, कंजौली, लपावली, मूंडिया, नांगलशेरपुर, बालघाट, भण्डारी, मोरडा, लुहारखेडा महस्वा, रानौली समेत कई गांवों में किसानों ने बाजरे की बुवाई तो कर दी, लेकिन स्थिति यह है कि खेत खाली रह गए हैं। किसानों ने बीज खराब होने पर मुआवजा की मांग की है।
सात दिन में सडक़ का काम शुरु नहीं हुआ तो करेंगे आंदोलन
हिण्डौनसिटी. खरैटा रोड की जर्जर सडक़ के निर्माण की मांग को लेकर वार्ड ३८ के लोगों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया और तहसीलदार को ज्ञापन सौंप स्वीकृत सडक़ निर्माण शुरू कराए जाने की मांग की।
पार्षद दिनेशचंद सैनी ने बताया कि सीवरेज कार्य पूरा होने के बावजूद सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंता स्वीकृत सडक़ का निर्माण शुरु नहीं करा रहे हैं। जिससे जर्जर सडक़ में हो रहे गहरे गढ्ढों में गिरकर आए दिन लोग चोटिल हो रहें हैं। उन्होंने बताया कि मामले में पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता जयलाल मीणा से कई बार स्वीकृत सडक़ निर्माण शुरू कराने की मांग की जा चुकी है, लेकिन सीवरेज कार्य पूरा नहीं होने की बात कहकर सडक़ निर्माण शुरू नहीं कराया जा रहा है। लोगों ने सात दिवस में सडक़ निर्माण कार्य शुरु नहीं कराने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में रामबाबू, रिन्कू, पप्पू आदि शामिल थे।





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