भीनमाल. मानसून के आगमन के साथ ही क्षेत्र में नदी-नालों में भी पानी का बहाव होना शुरू हो गया है। पिछले सप्ताहभर में बारिश ने एक तरफ क्षेत्रवासियों में नई उमंग की किरण जगाई है।
वहीं दूसरी तरफ बारिश के दौर में गुजरात जाने वाले लोग घर से निकलने से पहले नदी नालों में उफान नहीं आने की ईश्वर से प्रार्थना कर रवाना हो रहे है। सार्वजनिक निर्माण विभाग की उदासीनता के चलते गुजरात को जोडऩे वाली मुख्य सड़क के चार नदी-नालों पर पुलिए टूटे हुए है। ऐसे में नदी-नालों पर ऊफान आने पर लोग अटक रहे है।
लोगों को अपने घर तक पहुंचने के लिए करीब 6 0-70 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। क्षेत्र के अधिकांश लोग ईलाज के लिए गुजरात प्रांत के धानेरा, डीसा, पालनपुर, पाटन, मेहसाना व अहमदाबाद शहरों के लिए जाते है।
यह सड़क गुजरात को जोडऩे वाली मुख्य सड़क है। खासकर सिरोही जिले के गुजरात सीमा से सटे मण्डार कस्बे तक 6 5 किलोमीटर का सफर तय करना वाहन चालकों व लोगों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। कई लोग रात में मण्डार-रेवदर-जसवंतपुरा-रामसीन होते हुए भीनमाल पहुंचे। ऐसे में लोगों को करीब 100 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ा। ग्रामीण नरपत राजपुरोहित का कहना है कि गुरूवार को कोड़ी नदी में मामूली पानी के बहाव के चलते भी 12 घंटे यातायात अवरूद्ध रहा।
चार नदी-नालों पर टूटे पड़े हुए पुलिए
गुजरात को जोडऩे वाली भीनमाल-रानीवाड़ा-मण्डार सड़क मार्ग पर चार स्थानों पर नदी-नालों पर पूलिए सालभर से टूटे पड़े है। इस मार्ग पर कोड़ी नदी, धनपुरा नाला, जैतपुरा नदी व सिरोही जिले के जैतवाड़ा नाले पर पुलिए टूटे हुए है। इन नदी-नालों में पानी का बहाव होने पर वाहनों के पहिए थम जाते है। गुरूवार को कोड़ी नदी पर पानी का बहाव होने से 12 घंटे तक यातायात अवरूद्ध रहा। गुजरात की ओर मरीजों के साथ गए परिजनों को भी घंटों तक वहीं ठहरना पड़ा। लोग रातभर नदी में पानी का वेग कम होने का इंतजार करते है। इसके अलावा कई लोग करीब 60-70 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय कर शहर पहुंचे।
रहता है भय
गुजरात जाने के मुख्य मार्ग पर चार नदी-नालों पर पुलिए टूटे हुए है। यहां पर बारिश के मौसम में हर समय रास्ता अवरूद्ध रहना का भय रहता है। बुधवार रात को कोड़ी नदी पर छह घंटे रुकने पड़ा। बाद में अन्य रूट से भीनमाल पहुंचना पड़ा।
- रमेश माली, शहरवासी
करते है प्रार्थना
बारिश के दिनों में चार नदी-नालों में पुलिए टूटे हुए होने से हर समय लोगों को यातायात अवरूद्ध रहने का भय रहता है। लोग घर से निकलने से पूर्व नदी-नालों में ऊफान नहीं आने की ईश्वर से प्रार्थना कर निकलते है।
- भंवरलाल घांची, शहरवासी
गत साल टूटने के कारण बंद रहा था मार्र्ग
कोड़ी नदी का पुलिए गत साल बाढ़ के दौरान टूट गया था। गुरूवार को पानी का बहाव होने से रात के समय वैकल्पिक कच्चा मार्ग टूट गया था। जिसे शुक्रवार सुबह सहीं किया है। कोड़ी नदी पर रपट निर्माण के लिए हाल में 70 लाख की स्वीकृत मिली है। जिसका निर्माण कार्र्य शीघ्र ही शुरू होगा। गुजरात जाने के लिए करड़ा-रानीवाड़ा व जसवंतपुरा-रेवदर सड़क मार्ग ही विकल्प है।
- आरसी माथुर, अधिशाषी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग-भीनमाल





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