राजसमंद. अत्यधिक कम कमीशन, कार्य में व्यवहारिक दिक्कतें, ऑनलाइन कार्य में विभागीय मनमानी के विरोध में सोमवार को जिलेभर के ई मित्र संचालकों ने वाहन रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। जिला कलक्ट्री के द्वार पर प्रदर्शन के बाद विभिन्न मांगों को लेकर अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। ई मित्रों की मासिक आय की जांच कराने की मांग रखते हुए सरकार पर शोषण करने का आरोप लगाया। साथ ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर आक्रोश जताया।
ज्ञापन में बताया कि ऑनलाइन कार्यों के लिए तय दरें काफी कम है, जिसमें 25 फीसदी एलएसपी कमीशन, 10 फीसदी टीडीएस व 18 फीसदी जीएसटी की कटौती के बाद होने वाली आय से ई मित्र दुकान का खर्च चलाना भी नहीं चल सकता। ऑनलाइन सेवा में ज्यादातर समय तकनीकी दिक्कत सर्वर डाउन, इंटरनेट बंद, ऑनलाइन भुगतान नहीं होने सरीखी कई समस्याएं है। आवेदन में जरूरी दस्तावेज व खानापूर्ति के बावजूद पंचायत समिति, श्रम विभाग, उपखंड कार्यालय के साथ अन्य सभी विभागों द्वारा तय समयावधि में आवेदन को अप्रूव (स्वीकृत) नहीं करते और लोग ई मित्र केन्द्रो के चक्कर काटते हुए उन्हें ही कोसते हैं। बताया कि सभी केन्द्रों में दर सूची चस्पा है, तो ऑयल पेंट का आदेश क्यों। इसके लिए पेंटर डेढ़ से दो हजार रुपए मांग रहे हैं, जो हर किसी ई मित्र के लिए संभव नहीं है। ऑनलाइन आवेदन के अलावा प्रिंट, स्कैन, फॉर्म भरने का उचित शुल्क लेने में आपत्ति नहीं करने की मांग की गई। इस दौरान राजकुमार जोशी, राजेश सीकलीगर, प्रहलाद शर्मा, प्रकाश साहू, भैरूसिंह, दिनेश शर्मा, हरीश आमेटा, किशनलाल, प्रदीप पालीवाल, मोहम्मद शाहिद, दीपेश कुमार जोशी, मुकेश कुमार पुरोहित, महेंद्रसिंह, रतनलाल, विवेक पुरोहित, पुष्करसिंह झाला, घनश्याम पुरोहित, गजेंद्रसिंह राठौड़, संजय कटारिया, गौरव पालीवाल, गोविंदसिंह, नवदीपसिंह, रेखा कुमारी, लोकेश दुवपरा, जगदीश माली आदि मौजूद थे।
जांच के बाद कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में बताया कि देवगढ़ में कतिपय ईमित्र संचालक को जेल भिजवाने के मामले में व्यक्तिगत द्वेषता की वजह से शिकायत करना बताया। उन्होंने कलक्टर ने हर शिकायत की जांच के बाद संबंधित ई मित्र के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, ताकि किसी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं हो। बताया कि देवगढ़ का कतिपय ई मित्र संचालक अब भी अवसाद की स्थिति में है।





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