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शहर की सडक़ो पर ‘मौत’ के गड्ढे

बूंदी. शहर में जिम्मेदारों की लापरवाही लोगो को बारिश में सुकून देने की बजाय दर्द दे रही है। शहर की सडक़े मानूसन की पहली बारिश के साथ ही छलनी हो गई। पिछले 6 महीने पूर्व सीवरेज के काम ने मानो कोढ़ में खाज का काम किया। नतीजतन सडक़ो पर दो से तीन फीट के मौत के गड्ढे जगह जग ह बाहें फैलाए नजर आते है।

 

 

 

 

गडï्ढो में ीारा बारिश का पानी लोगो के लिए मुसीबत बन गया। यही हाल लंका गेट कन्या महाविद्यालय वाले रास्ते देखे जा सकते है। स्थानीय लोगो ने कई बार नगर परिषद व प्रशासन को अवगत करवाने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नही हुई तो मंगलवार को उनका गुस्सा फुट पड़ा।

 

 

 

 

यहां स्थानीय लोगो ने करीब 20 मिनिट तक जाम लगाकर सभापति के खिलाफ विरोधी नारे लगाए। नर्सरी रोड रेगर मौहल्ले के लोगो का गुस्सा देखते ही बना। आक्रोशित स्वर में लोगो ने कहा कि जल्द ही सडक़ की मरम्मत नही करवाई गई तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।

 

 

 

 

लंका गेट के रास्ते लोगो की आवाजाही के साथ बड़ी कॉलेज विद्यार्थी यहां से जब निकलते है तो जान सांसत में बनी रहती है। जरा सा चुके और खतरा मुहं बाहे खड़ा रहता है। आए दिन लोग इस रास्ते गिरकर चोटिल हो रहें है। लेकिन प्रशासन का कोई ध्यान नही। बारिश से पूर्व ही सडक़ो की मरम्मत पर ध्यान देना चाहिए लेकिन जिम्मेदार आंखो पर पट्टी बांधे हुए है। और खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।

 

 

 

 

स्थानीस जितेन्द्र उन्देरियां, राजकुमार वर्मा, सोनु सिंघाडिय़ा, विजेन्द्र रेगर, सोनु उन्देरिया, जगदीश वर्मा, नितिन रेगर, ने बताया कि सिवरेज लाइन का काम पूरा होने के बाद भी रोड को ठीक नही किया गया। लोगो में इस बात का रोष है। जल्द ही प्रशासन ने ध्यान नही दिया गया तो आन्दोलन किया जाएगा।
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