जैसलमेर.
नगरपरिषद में सफाई कार्मिकों की भर्ती प्रक्रिया से गुस्साए वाल्मीकि समाज के लोगों ने मंगलवार सुबह परिषद कार्यालय के बाहर उग्र प्रदर्शन किया। उन्होंने सभापति और आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की तथा सडक पर टायर जला कर नाराजगी का इजहार किया। गुस्साए लोगों ने कार्यालय के मुख्य द्वार को बंद कर दिया तथा धरना जारी रखने का ऐलान किया। सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस पहुंची और समझाइश कर समाज के लोगों को शांत करवाया। देर शाम तक वाल्मीकि समाज के लोग धरने पर जमे रहे।
चयन की प्रक्रिया का विरोध
सुबह किए गए प्रदर्शन के कारण सडक़ पर यातायात व्यवस्था भी बाधित हुई। कई लोगों के कार्य का बहिष्कार करने से जैसलमेर में पहले से डगमगाई हुई सफाई व्यवस्था और बदहाल हो चुकी है। भर्ती प्रक्रिया का विरोध अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस और वाल्मीकि समाज संगठन गत दिनों जैसलमेर नगरपरिषद में 32 सफाई कर्मियों के चयन की प्रक्रिया का विरोध कर रहा है।
लॉटरी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई
इन संगठनों की ओर से जिला प्रशासन को दिए ज्ञापन में बताया गया कि कर्मचारी चयन की लॉटरी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई। इसके साथ ही आपत्तियों को नजरअंदाज कर दिया गया। समाज की तरफ से भर्ती प्रक्रिया पुन: करने तथा शहर की मांग के अनुरूप 200 जनों का चयन करवाने की मांग की गई है। पिछले दिनों से जारी धरना मांगों के माने जाने तक लगातार करने तथा आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करने की बात कही गई है।
बिगड़ रहे हैं हालात
समाज के लोगों ने कहा कि पूर्व में उन्होंने धरना देकर अपनी मांगें रखी थी, जिन पर कार्रवाई नहीं की गई। वाल्मीकि समाज की ओर से धरना-प्रदर्शन के बीच जैसलमेर शहर की सफाई व्यवस्था सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है। मंगलवार को शहर के कई क्षेत्रों में नालियों व नालों का गंदा पानी सडक़ों पर बहता रहा। इसके अलावा गली-मोहल्लों में नियमित साफ-सफाई कार्य में भी शिथिलता के चलते वहां कचरे के ढेर लगने लगे हैं। परिषद कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन के कारण अन्य कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।





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