सीकर. तलाक लेने के लिए जिन जोड़ों ने कोर्ट में मुकदमा दायर कर रखा था उन्होंने समझाइश के बाद फिर से साथ रहने का मन बना लिया और न्यायिक अधिकारियों की मौजूदगी में एक दूसरे को फिर से माला पहनाकर शादी की रस्म निभाई। वकीलों व न्यायिक अधिकारियों की समझाइश से ही यह संभव हो पाया। सीकर पारिवारिक न्यायालय में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान समझाइश से इन दोनों मामलों का निस्तारण किया गया।
पारिवारिक न्यायालय सीकर के न्यायाधीश पीएस तोमर ने बताया कि शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया था। इस दौरान 48 मामले समझाइश के लिए रखे गए थे। जिनमें कोर्ट ने वादी और प्रतिवादी को समझाकर मामला शांत करने की कोशिश की। इस दौरान एडवोकेट बजरंग सिंह शेखावत और चांदनी जैन ने दो जोड़ों से समझाइश की। कुछ देर की न्यायाधीश और वकीलों की समझाइश के बाद दो जोड़े फिर से साथ रहने को तैयार हो गए। बाद में कोर्ट में ही माला मंगवाई गई और जिला एवम सेशन न्यायाधीश अभय चतुर्वेदी, अपर जिला व सेशन न्यायाधीश सुरेंद्र पुरोहित, महेंद्र दाधीच व न्यायिक मजिस्ट्रेट पुनीत सोनगरा की मौजूदगी में इन्होंने एक दूसरे को माला पहनाई। इस दौरान एडवोकेट प्रताप चौहान, पुरुषोत्तम शर्मा, रफीक गौड़, राहुल पारीक मौजूद रहे।
चार साल से कोर्ट में चल रहा था मुकदमा
सीकर शहर के वार्ड ६ के रहने वाले मोहम्मद दाउद व उसकी पत्नी हमीदा का पिछले चार साल से कोर्ट में मुकदमा चल रहा था। हमीदा ने दाउद के खिलाफ भरण पोषण का दावा भी पेश कर रखा था। कोर्ट में समझाइश के बाद ये साथ रहने को तैयार हो गए। जैतपुरा चौमूं निवासी कमलेश व उसकी पत्नी पूजा की शादी पांच साल पहले हुई थी। पिछले चार महीने से उन दोनों ने कोर्ट में एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा दायर कर रखा था। समझाइश के बाद वे भी साथ रहने को तैयार हो गए।





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