राजसमंद. बेटी होने के प्रमाणिक दस्तावेज किशोरियों के परिजन रविवार सुबह से ही आसरा विकास संस्था के पन्नाधाय बालिका गृह पहुंच गए, जहां दिनभर धरना देकर बैठ गए। दोपहर करीब दो बजे बाल कल्याण समिति अध्यक्ष पहुंची, जिनके समक्ष परिजनों ने बेटी व माता-पिता संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए। इधर, एफआईआर दर्ज होने पर राजनगर पुलिस ने भी नाबालिग छात्राओं के बयान पंजीबद्ध करते हुए जांच शुरू कर दी। आध्यात्मिक गौमुख स्कूल में पढऩे वाली 67 छात्राओं के परिजन व आध्यात्मिक गौमुख समिति के अनुयायी भी बालिका गृह पहुंच गए। परिजनों ने उनकी बेटियों से मिलाने की अर्जी लगाई, मगर बालिका गृह प्रभारी द्वारा बाल कल्याण समिति अध्यक्ष की अनुमति से ही किशोरियों से मिलने की बात कही। इस पर नेपाल, दिल्ली, हरियाणा, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, केरल, पश्चिम बंगाल से आए परिजनों ने बालिका गृह के बाहर तैनात पुलिस के समक्ष आक्रोश जताया। पुलिसकर्मियों ने अध्यक्ष के आने पर उन्हें दस्तावेज देने पर अग्रिम कार्रवाई होने का आश्वासन दिया। फिर करीब ढाई बजे समिति अध्यक्ष भावना पालीवाल पहुंची, तब परिजनों ने सुबह से इंतजार करने का हवाला देते हुए आक्रोश जताया। साथ ही बोले कि दस्तावेज लेकर हमें हमारी बेटियों को सुपूर्द कर दें। इस पर अध्यक्ष भावना ने बताया कि आप सभी दस्तावेज जमा करवा दें। फिर अग्रिम कार्रवाई करेंगे।
काउंसलिंग जारी, नया खुलासा नहीं
पन्नाधाय बालिका गृह में काउंसलर व बाल विशेषज्ञों द्वारा किशोरियों की काउंसलिंग रविवार को भी जारी रही, मगर बच्चियों द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गई। चार दिन से लगातार परामर्श के बाद भी किशोरियों द्वारा यही रह कर पढऩे की इच्छा जाहिर की और पैतृक घर भेजने का विरोध करती रही। हालांकि समिति ने किशोरियों को घर भेजने के लिए रिलीज ऑर्डर जारी करने की कार्रवाई शुरू कर दी।
सीआई ने लिए छात्राओं के बयान
राजनगर थाने के वृत्त निरीक्षक दिनेश सुखवाल दोपहर को बालिका गृह पहुंच गए, जहां किशोरियों के बयान पंजीबद्ध किए। साथ ही गौमुख स्कूल की शिक्षिकाओं के भी बयान लिए। बाद में बालिका गृह के कार्मिकों से भी किशोरियों के आचार व्यवहार को लेकर विस्तृत जानकारी ली गई। अब पुलिस द्वारा कथित होटल व उसके पास के भवन में जहां स्कूल संचालित हो रहा था, उस स्थल का भी अलग से निरीक्षण किया जाएगा।





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