खेतड़ी. क्षेत्र की लाइफ लाइन कही जाने वाली दुग्ध भागा नदी (बसई नदी) आठ वर्ष बाद बुधवार को तेज गति से आई। बजरी खनन माफियाओ ने इस नदी में 50 फीट से अधिक गहरे गड्डे कर रखे थे, परन्तु इन गड्ढ़ों में पानी भरता हुआ पूरे वेग से निकला। यह नदी 20 अगस्त 2010 को आई थी और नदी का पुल टूट गया था। खेतड़ी क्षेत्र में इतनी बरसात नहीं हुई। परंतु सीकर जिले के डाबला क्षेत्र से नदी में तेज पानी आया।
दो युवक बहे:
बसई नदी में हरियाणा सीमा व सीकर सीमा पर बोर्डर पर बडवाला बालाजी (सिहोड़) के पास नदी में दो युवकों के बहने की सूचना पर क्षेत्र में हड़कम्प मच गया। इसकी सूचना ग्रामीणों ने उपखण्ड प्रशासन को दी। सूचना पर उपखण्ड अधिकारी संजय कुमार वासु, उप अधीक्षक वीरेन्द्र कुमार मीणा, तहसीलदार बंशीधर योगी, थानाधिकारी विक्रमसिंह राठौड़, प्रधान मनीषा गुर्जर, पूर्व प्रधान मदनलाल गुर्जर, सरपंच सिहोड़ प्रतिनिधि रतिराम यादव सहित सैंकड़ों ग्रामीण मौके पर एकत्र हुए। प्रशासन ने नदी में ग्रामीणों की सहायता से युवकों की तलाश शुरु की।
रेसक्यू टीम पहुंची सिहोड़:-उपखण्ड अधिकारी संजय कुमार वासु ने बताया कि सांयकाल झुन्झुनू से एसडीआरएफ की टीम को सिहोड़ बुलवाया। टीम ने सर्च आपरेशन भी शुरु किया, परन्तु नदी के तेज बहाव व अंधेरा होने कारण सर्च आपरेशन रोक दिया गया। सर्च आपरेशन गुरुवार को सुबह 6 बजे पुन: शुरु किया जावेगा।
पानी का बहाव देखने उतरे थे युवक
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रास्ते पर पानी के बहाव देखने के लिए मोटरसाईकिल रोक कर एक युवक पानी में उतरा तथा वह बहने लगा। तब दूसरा उसे बचाने लगा तो वह भी पानी की चपेट में आ गया। जबकि मोटरसाइकिल नदी के किनारे खड़ी रही।
युवकों की शिनाख्त
पुलिस उप अधीक्षक वीरेन्द्र कुमार मीणा ने बताया कि नदी में बहे युवकों की शिनाख्त हो गई है। इनमें किशोरपुरा निवासी सूरमा पुत्र बाबूलाल बावरिया तथा कोलसिया निवासी बन्ना पुत्र सूरजा बावरिया के रुप में हुई है।
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एनीकट टूटा, बड़ा हादसा टला
खेतड़ी. बुधवार को दिन से आई तेज वर्षा से रामकुमारपुरा ग्राम पंचायत की चंदा वाली ढाणी में बना एनीकट टूट गया तथा उसका पानी बह कर निकल गया। सूचना पर तहसीलदार बंशीधर योगी मौके पर पहुंचे। तहसीलदार बंशीधर योगी ने बताया कि एनीकट टूटने से पूरा पानी बह गया तथा कोई जानमाल की हानि नही हुई। एनीकट दो वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत की ओर से बनवाया गया था।





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