ललावंडी में चार दिन पहले हुई मॉब लिंचिंग का मामला अभी पूरे देश में गर्माया हुआ है, लेकिन इसके बावजूद गोतस्करों के हौंसले बुलंद हैं। मुण्डावर क्षेत्र में मंगलवार रात गोतस्कर गायों को पिकअप में भरकर ले जा रहे थे। सिरोडख़ुर्द गांव में पिकअप फंसने पर गोतस्कर गोवंश को गाड़ी सहित छोडकऱ भाग गए।
थानाधिकारी वीरसिंह गुर्जर ने बताया कि बुधवार सुबह पुलिस कंट्रोल रूम से जानकारी मिली कि गांव सिरोडख़ुर्द में गोतस्करों की पिकअप गोवंश से भरी हुई खड़ी है, जो कि गांव में सीवर लाइन का कार्य चलने के कारण फंस गई। सूचना मिलते ही थानाधिकारी मय पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचे। वहां पर एक पिकअप सीवर लाइन के लिए खुदवाए गए गड्ढे में फंसी हुई थी। जिसमें गोवंश को मुंह व हाथ-पैर बांधकर डाला हुआ था।
ग्रामीणों की मदद से पहले तो पिकअप में रखे हुए गोवंश को निकलवाकर उनके मुंह, हाथ व पैरों को खुलवाया गया। बाद में ट्रैक्टर की मदद से फंसी हुई पिकअप को वहां से निकलवाया गया। पिकअप में कुल 6 गोवंश थे। जिनमें से सबसे नीचे रखी हुई एक काले रंग की गाय की गर्दन टूटने की वजह से मौत हो गई, जबकि 5 गोवंशों को गांव चिरूणी स्थित बाबा मनीराम गोशााला में भिजवा दिया गया। पुलिस ने पिकअप को जब्त कर अज्ञात गोतस्करों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
गौतस्करी के चोर रास्ते
गोतस्कर रामगढ-लंलावडी-अलावड़ा-चौमा-शेरपुर होते हुए हरियाणा में प्रवेश करते हैं। अलावलपुर से झण्डाखेडी एवं मूनपूर करमला होते हुए हरियाणा के कोलगांव में आसानी से गोतस्करों का प्रवेश होता है। शेरपुर गांव से गोलकी के कच्चे रास्ते हरियाणा के भूड की नंगली से गोतस्करी का धंधा होता है।
Read More : गृहमंत्री गुलाबचंद कटरिया ने स्वीकारा, बोले-अब भी हो रही है गोतस्करी
रामगढ़ प्रकरण निपटा नही, अलवर में हो गई गोतस्करी की दो और घटनाएं, गोतस्कर को किया गिरफ्तार





No comments:
Post a Comment