भीलवाड़ा/अमरगढ़।
एक किशोरी शुक्रवार सुबह रहस्मय तरीके से अमरगढ़ के जंगल से शक्करगढ़ थाने पहुंची। उसने खुद को मध्यप्रदेश की बताया। पुलिस के सामने उसने कहा कि सौतली मां व पिता उसे मुम्बई से ला कर यहां जंगल में छोड़ गए। पुलिस ने उसे बाल कल्याण समिति को सौंप दिया। लेकिन समिति के सामने उसने पहली वाली कहानी बदल दी और कहा कि कुछ लोग उसे बेचने की नीयत से पण्डेर ले आए थे, जिनके चुंगल से बचकर वह थाने में आ गई। किशोरी के लगातार बयान बदलने के बाद पुलिस और समिति भी असमंजस में है। समिति ने उसे दोपहर में बालिका गृह अजमेर भिजवा दिया। अब किशोरी के परिजनों से सम्पर्क साधने का प्रयास किया जा रहा है।
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष डॉ. सुमन त्रिवेदी ने बताया कि शक्करगढ़ पुलिस ने शुक्रवार सुबह उन्हें किशोरी की जानकारी दी। किशोरी ने पुलिस को बताया कि वह मुम्बई की है और उसकी सौतली मां उससे छुटकारा चाहती है। इसलिए उसके पिता व सौतली मां उसे पण्डेर में उसके बड़े पापा से मिलाने की बात कह कर गुरुवार को मुम्बई से ले आए। रात को लघु शंका के बहाने शक्करगढ़ क्षेत्र में कार रोकी। इसी दौरान माता पिता उसे वहीं अकेला छोड़ कर कार से भाग निकले। वह जंगल से नदी पार पहुंची और दूर कहीं लाइट की रोशनी देखी तो वहां पहुंची। वहां एक बुजुर्ग ने शक्करगढ थाने में फोन कर सूचना दी। इसके बाद उसे थाने लाया गया, यहां किशोरी ने बताया कि वह 12वीं कक्षा तक पढ़ी है। वह अब सौतेली मां व पिता के पास नहीं रहना चाहती। वह अपने से छोटे सौतेले भाई के पास ही रहना चाहती है। किशोरी के बयान के बाद पुलिस ने शुक्रवार दोपहर उसे भीलवाड़ा में बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया।
यहां समिति अध्यक्ष व पदाधिकारी उस वक्त हैरान रह गए, जब शक्करगढ़ पुलिस की तरफ से बताई कहानी के विपरीत किशोरी ने दूसरी कहानी बताई। किशोरी का कहना था कि वह मूलत: एमपी की है। वह काम के सिलसिले में पड़ोस की युवती के साथ मुम्बई आ गई थी। इस दौरान मुम्बई में उन्हें बताया गया कि पण्डेर में काफी अच्छी कमाई हो सकती है। इस पर युवती उसे लेकर पण्डेर आई, यहां पर बुधवार को उसके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की गई और उसे भनक लगी कि उससे गलत काम कराया जाएगा। इससे वह घबरा गई और गुरुवार सुबह घर छोड़ कर भाग गई। यहां जंगल में आकर छिप गई। समिति अध्यक्ष त्रिवेदी ने बताया कि किशोरी को अजमेर भिजवाया है। समूचे मामले की जांच पुलिस की मदद से की जा रही है।





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