जालोर. नेहड़ के सीमांत गांव भवातड़ा से रिड़का जाने वाला मार्ग एक साल पहले बाढ़ से टूट कर बिखर गया था, लेकिन प्रशासन की ओर से इसे ठीक नहीं करवाने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के दौरान रास्ता अवरुद्ध होने पर ग्रामीणों की सहायता से प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था कर मार्ग सुचारु करवाया था, लेकिन एक साल गुजरने के बाद भी लूनी नदी के बहाव क्षेत्र में आने वाले इस रास्ते की मरम्मत नहीं करवाई गई है। जिससे बारिश के दौरान यह मार्ग फिर से अवरुद्ध हो जाएगा। वहीं भवातड़ा व रिड़का सहित क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क भी कट जाएगा। जिसके कारण ग्रामीणों का आवागमन भी पूरी तरह से प्रभावित होगा।
ग्रामीणों ने बताया कि न्याय आपके द्वार शिविर के दौरान कई प्रशासनिक अधिकारियों को इस बारे में अवगत करवाया गया। जिस पर उन्होंने आश्वासन देकर जल्द ही रास्ते को ठीक करवाने की बात कही। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है। जिससे लोग परेशान नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गुजरात सीमा से सटे भवातड़ा, रिड़का, कुकडिय़ा व धींगपुरा सहित कई राजस्व गांवों में बारिश से रास्ते अवरुद्ध हो जाते हंै। जिससे इन गांवों में परिवहन सेवा पूरी तरह से बाधित हो जाती है।
इनका कहना है...
भवातड़ा से रिड़का सड़क मार्ग बाढ़ के बाद बंद हो गया था। प्रशासन व ग्रामीणों की सहायता से वैकल्पिक व्यवस्था कर मार्ग बहाल तो करवाया गया, लेकिन इसकी मरम्मत नहीं करवाई गई। इस बारे में कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत करवाने पर भी हालात जस के तस हैं।
- भगवतसिंह, ग्रामीण, भवातड़ा
बनेगा पुलिया
भवातड़ा सड़क मार्ग पर पुलिया की स्वीकृति के लिए एस्टीमेंट बनाकर भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा।
- मदनलाल चौधरी, एईएन, पीडब्ल्यूडी, सांचौर





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