सूरजगढ़ (झुंझुनूं) .
पंचायत समिति के रुपपुरा गांव में रास्ते के अभाव में पूर्व सैनिक के शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका। मामले को लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश रहा। रास्ते के अभाव के विरोध में परिवार के लोगों ने शव का दाह संस्कार करने से मना कर दिया और परिवार के लोग अनशन पर बैठ गए। परिवार के लोगों का कहना है कि जब तक प्रशासन अंतकाल भरकर रास्ता जारी नहीं करेगा तब तक वे दाह संस्कार नहीं करेंगे।
जानकारी के अनुसार रुपपुरा (चुन्ना का बास) निवासी पूर्व सैनिक दयानन्द जाट का सोमवार को निधन हो गया। मृतक के परिजन बुधराम गढ़वाल ने बताया कि रुपपुरा में प्रचलित रास्ते को कटानी रास्ते में करने के लिए तहसीलदार अंतकाल नहीं भर रहा है, जिससे खेतों में रहने वाले करीब 25 परिवार परेशानी का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि गांव से कुओं पर बसे लोगों को उनके घर तक जाने का रास्ता नहीं है, जिससे उनके परिवार में किसी भी बीमारी व अन्य समस्या के चलते गांव तक आने जाने के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव से उनके घर तक गाड़ी तो दूर की बात पैदल चल कर जाना भी मुश्किल है।
मामले की जानकारी लगने पर तहसीलदार मांगेराम पूनिया व थानाधिकारी कमलेश चौधरी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाइश की लेकिन पूर्व सैनिक के परिजन अपनी बात पर अड़े रहे। उनका आरोप है कि रास्ता पैदल के लिए ही नहीं है तो शव यात्रा कैसे लेकर जाए?। 13 घंटे बाद दोनों पक्षों में समझौता वार्ता में अंतिम संस्कार करने पर सहमति बनी कि 12 दिन तक रास्ता दे दिया जाएगा। 12 दिन बाद रास्ते के लेकर उच्चाधिकारियों को लिखने की बात कही गई।
इनका कहना है...
रास्ते का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। लोकायुक्तमें अपील की गई हे। उचित निर्णय का प्रयास किया जा रहा है। -मांगेराम पूनियां, तहसीलदार सूरजगढ़





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