Breaking News
recent

उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर सार्वजनिक निर्माण विभाग ही कर रहा रेती का दोहन

राजसमंद. बजरी दोहन पर न्यायालय की रोक के बाद पूरा सरकारी तंत्र इसकी पालना के प्रयास कर रहा है और धरपकड़ भी हो रही है। लेकिन, इसके उलट सरकार का ही एक महकमा ऐसा है, जो अदालती आदेश को धता बताते हुए अपने निर्माण कार्य के लिए खुलेआम नदी से रेती का दोहन कर रहा है।


न्यायालय द्वारा नदी, नालों और अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों से बजरी खनन एवं निकासी पर पूर्ण रोक लगा रखी है। इस आदेश के चलते विगत महीनों से पूरे प्रदेश में बजरी खनन, दोहन, परिवहन सम्बन्धी समस्त कामकाज ठप है। यही नहीं अदालत के आदेश की पालना कराने के लिए राज्य सरकार और पूरा प्रशासनिक तंत्र, खान विभाग, पुलिस आदि महकमे जुटे हुए हैं। रेती के अभाव में शहर, देहात में विभिन्न तरह के निर्माण कार्य भी महीनों से अधर में है। और रेती के दाम आसमान पर हैं। इन सबके बीच वर्तमान में यहां सार्वजनिक निर्माण विभाग की ऐसी कारस्तानी देखने को मिल रही है, जिससे न सिर्फ न्यायालय के आदेश की अवहेलना हो रही है, बल्कि रेती निकासी पर लगाम के लिए रात-दिन एक करने का ढोल पीटने वाले प्रशासन, पुलिस व खान विभाग को कठघरे में खड़ा करती है। दरअसल कांकरोली-रेलमगरा मार्ग पर क्षतिग्रस्त बनास नदी के भाटोली पुलिया पर इन दिनों दुरस्तीकरण कार्य चल रहा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीन ठेकेदार के जरिए पिछले कई दिनों से जारी इस काम में उपयोग के लिए सीधे ही बनास नदी से रेती ली जा रही है। ठेकेदार ने नदी से सीधे रेती सुलभ हो जाने को देखते हुए ही कार्य शुरू किया था। ऐसे में लगातार कार्य स्थल के आसपास से ही जरूररत के अनुसार नदी से बजरी ली जा रही है। पुलिया का काम होने से यह अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है कि इस कार्य के लिए नदी से अब तक कितनी मात्रा में रेती ली गई होगी। मुख्य मार्ग पर होने से कई जागरूक लोगों के मन में भी ये सवाल उठ रहे हैं कि जब रेती निकासी पर प्रतिबंध लगा हुआ है तो ऐसी स्थिति में नदी से बजरी किस आधार पर ली जा रही है? क्या सरकारी काम होने से अदालती आदेश को दरकिनार किया जा सकता है? क्योंकि आदेश सभी के लिए समान है, ऐसे में एक सरकारी विभाग द्वारा ही यदि ऐसा कृत्य किया जाता है और रोकथाम के लिए जिम्मेदारों द्वारा इसे नजरअंदाज कर मौन स्वीकृति दे दी जाती है तो और क्या उम्मीद की जा सकती है।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.