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मोबाइल की तर्ज पर बिजली का रिचार्ज, फिर भी नहीं बन रही बात


चित्तौडग़ढ़. जिले में मोबाइल की तर्ज पर बिजली का प्रीपेड सिस्टम शुरू हुए करीब तीन साल पूरे होने को है, लेकिन प्रीपेड कनेक्शन के काम ने कछुआ चाल को भी मात दे दी है। जिले में तीन साल में सिर्फ १०२३ प्रीपेड कनेक्शन ही हो पाए हैं। प्रीपेड मीटर की कमी होना भी इसकी बड़ी वजह सामने आई है।
अजमेर डिस्कॉम में अगस्त २०१५ में प्रीपेड सिस्टम से बिजली रिचार्ज करने की योजना शुरू की गई थी। इसके तहत सबसे पहले सरकारी कार्यालयों को प्रीपेड सिस्टम से जोडऩा था, इसके बाद जिले के शेष अघरेलू उपभोक्ताओं को इस सिस्टम से जोडऩा था। चित्तौडग़ढ़ जिले में वर्तमान में करीब १७८८५ अघरेलू तथा २१९०९६ घरेलु उपभोक्ता हैं। प्रीपेड कनेक्शन कोई भी घरेलु और अघरेलू उपभोक्ता ले सकता है।
कनेक्शन कम होने का बड़ा कारण इसके बारे में अधिकांश उपभोक्ताओं को जानकारी नहीं होना भी है। यही वजह है कि जिले में १७८८५ अघरेलु उपभोक्ताओं के मुकाबले प्रीपेड कनेक्शन सिर्फ १०२३ ही हो पाए हैं। सर्वाधिक ४९८ कनेक्शन चित्तौडग़ढ़ शहरी क्षेत्र में हुए हैं जबकि शहरी क्षेत्र में करीब दो हजार अघेरलु उपभोक्ता हैं।
उपभोक्ता को यह है नुकसान: प्रीपेड कनेक्शन से उपभोक्ताओं को जहां कई सारे फायदे हैं, वहीं कुछ नुकसान भी है।
जैसे यदि मीटर जल जाए तो थ्री फेज कनेक्शन पर दस हजार रुपए व सिंगल फेज कनेक्शन पर पांच हजार रुपए जमा करवाने होंगे। पांच हजार रुपए से अधिक राशि का डेबिट या क्रेडिट कार्ड से रिचार्ज करवाने पर ०.४७ प्रतिशत टैक्स वसूल किया जाएगा।


प्रीपेड के हैं कई फायदे
प्रीपेड विद्युत कनेक्शन से अजमेर विद्युत वितरण निगम और उपभोक्ता, दोनों को फायदा है। निगम को सबसे बड़ा फायदा यह है कि उसे रिकवरी के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। उपभोक्ता को बिल जमा करवाने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। वह नेट बैंकिंग या डेबिट-क्रेडिट कार्ड से घर बैठे रिचार्ज करवा सकते हैं। प्रीपेड कनेक्शन को किसी भी तरह के चार्ज से भी मुक्त रखा गया है।

दस पैसे प्रति यूनिट का फायदा
नए प्रीपेड कनेक्शन लेने पर निगम लोड के अनुसार अपनी ओर से एडवांस राशि भी जमा करवाता है, जो एक तरह से ब्याज मुक्त ऋण है। उपभोक्ता को यह राशि पहले रिचार्ज पर जमा करवानी होगी। जमा राशि से ज्यादा रिचार्ज करवाने पर उपभोक्ता को दस पैसे प्रति यूनिट की दर से फायदा देने का भी प्रावधान है।

पैसा खत्म फिर भी जलेगी बिजली
योजना में उपभोक्ताओं को यह भी सुविधा दी गई है कि शाम छह बजे से सुबह दस बजे तक तथा शनिवार व रविवार को प्रीपेड में बैलेंस खत्म भी हो गया तो उनके यहां विद्युतापूर्ति बाधित नहीं होगी। यह योजना ५ से १८ किलोवॉट कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के
लिए लागू है।


यह लक्ष्य भी नहीं हुआ पूरा
योजना के तहत शुरुआती तौर पर सरकारी दफ्तरों को प्रीपेड कनेक्शन से जोडऩा था, लेकिन जिले में कई सरकारी कार्यालय इस योजना से अब भी कोसों दूर है। जिन विभागों में पैसा ट्रेजरी से आता है, उन विभागों में अब भी प्रीपेड कनेक्शन नहीं हो पाए हैं।



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