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असम: सुरक्षा के मद्देनजर सात जिलों में कर्फ्यू , सीएम सोनोवाल ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की

नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आज असम में नेशनल सिटिजनशिप रिकॉर्ड्स (एनआरसी) का अंतिम ड्राफ्ट तैयार होना है। इसके मद्देनजर अशांति की आशंका को देखते हुए प्रदेश के सात जिलों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। पूरे राज्‍य में कानून व्‍यवस्‍था के लिहाज से सभी जिलों के डीएम और एसएसपी से स्थिति को नियंत्रण में बनाए रखने को कहा गया है। आपको बता दें कि एनआरसी ड्राफ्ट का प्रदेश का एक तबका विरोध कर रहा है।

इन जिलों में लागू है कर्फ्यू
बारपेटा, दरांग, दीमा, हसाओ, सोनितपुर, करीमगंज, गोलाघाट और धुबरी में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगा दी गई है। पुलिस अधिकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षकों ने अपने-अपने संबंधित जिलों में संवेदनशील इलाकों की पहचान की है और किसी भी अप्रिय घटना खासकर अफवाह से होने वाली घटनाओं को रोकने के लिये स्थिति पर बेहद सावधानी से निगरानी बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने थाना पुलिस को अपने-अपने क्षेत्रों में हर हाल में शांति बनाए रखने को कहा गया है। दंगाईयों के साथ सख्‍ती से निपटने के निर्देश भी दिए गए हैं।

एनआरसी का दूसरा ड्राफ्ट
हससे पहले भी एक ड्राफ्ट कुछ महीने पहले जारी हुआ था। असम में नेशनल सिटिजनशिप रिकॉर्ड्स का आज दूसरा और फाइनल ड्राफ्ट जारी होगा। इस ड्राफ्ट को लेकर कुछ लोगों में असंतोष को देखते हुए राज्‍यभर में सुरक्षा व्‍यवस्‍था कड़ी कर दी गई है। सीएम सर्बानंद सोनोवाल इस अवसर पर प्रदेश के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्‍होंने कहा कि इस ड्राफ्ट के जारी होने से किसी को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। अगर इसके बाद भी किसी का नाम नागरिकता सूची में शामिल नहीं हो पाया है कि तो उन्‍हें भी नाम दर्ज कराने का आगे अवसर दिया जाएगा। लेकिन उन्‍हें मूल नागरिक होने का सबूत पेश करना होगा।

नागरिकता 1971 से पहले से असम में हरने वालों को
नागरिकता के लिए आधार वर्ष 25 मार्च, 1971 हैं। इस डेट लाइन को आधार बनाते हुए एनआरसी में सभी भारतीय नागरिकों के नाम, पते और फोटोग्राफ शामिल किए गए हैं। पहला ड्राफ्ट जारी होने के बाद कुछ लोगों से अपना नाम शामिल न होने पर असंतोष जाहिर किया था। जिसके बाद असम सरकार ने दूसरा ड्राफ्ट जारी करने का निर्णय लिया।



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