भीलवाड़ा।
नगर परिषद में भर्ती से वंचित रहे आवेदकों ने नगर परिषद में जमकर तोड़फोड़ की। जिससे कर्मचारियों में दहशत फैल गई। बताया गया है कि भर्ती से वंचित आवेदकों ने सभापति और आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ की। विभिन्न कक्षों कर दरवाजे टेबल व अन्य सामान तोड़ डाले। इससे कर्मचारियों में दहशत फैल गई।
इस मामले में वाल्मीकि समाज कलेक्टर को ज्ञापन दिया। नगर परिषद सभापति ललिता समदानी के चेंबर में घुसकर की तोड़फोड़ की। पूरे नगर परिषद में भारी भरकम अव्यवस्था रही। इसके विरोध में नगर परिषद कर्मचारी यूनियन अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की। नगर परिषद भीलवाड़ा में सफाई कर्मियों की भर्ती को लेकर जिन आवेदकों का चयन नहीं हुआ उन्होंने जोरदार तोड़फोड़ की। सभापति और उपसभापति कक्ष के कांच फोड़ दिए। लेखा शाखा के कंप्यूटर तोड़ दिए। नगर परिषद में रखी अलमारियों को नीचे गिरा दिया।
कई दस्तावेजों को इधर-उधर कर दिया। घटना के समय आयुक्त पदम सिंह नरुका कार्यालय में मौजूद थे, लेकिन तोड़फोड़ होती देख वह वहां से निकल गए। बाद में अन्य कर्मचारियों ने पुलिस को बुलाया तो तोड़फोड़ करने वाले वहां से भाग गए। अब चयन से वंचित आवेदकों ने कलेक्ट्रेट की ओर रुख किया है।
नगर पालिका कर्मचारी फेडरेशन के अध्यक्ष विजय लोढ़ा ने बताया की वे भय के माहौल में है। अब वे इस हालात में काम नहीं कर सकते। इसलिए काम का बहिष्कार करेंगे। सहायक लेखाधिकारी गोविन्द बंग ने बताया की घटना के समय मौजूद थे, कर्मचारियो ने आते ही तोड़फोड़ शुरू कर दी। परिषद् में 282 सफाई कर्मचारियो को नियुक्ति दी गई है। इसमें करीब 30 वाल्मीकि समाज के अतिरिक्त है। इसमें सामान्य, ओबीसी वर्ग के है। वाल्मीकि समाज की मांग है की अन्य वर्ग के अभ्यर्थी से सफाई करवाई जाये।नगर परिषद् में सीसीटीवी कैमरा नहीं है। कर्मचारी संघ कई समय से मांग कर रहे थे लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।





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