बीकानेर. यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे प्रभावी कदम उठा रहा है। इसके तहत बीकानेर मंडल के छह रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनका नियंत्रण भी उसी स्टेशन पर हो सकेगा। इसके लिए इन छह स्टेशनों पर नियंत्रण कक्ष बनाए जाएंगे। कैमरे निर्भया फंड के तहत लगाए जाएंगे। इसकी कवायद शुरू हो चुकी है। रेलवे एक एजेन्सी के माध्यम से कैमरे लगवाएगा। बीकानेर स्टेशन पर एकीकृत सुरक्षा प्रणाली पहले से ही लागू है, इसके तहत 62 कैमरे लगे हुए हैं।
यहां लगेंगे कैमरे
बीकानेर मंडल के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सूरतगढ़, हिसार, भिवानी, सिरसा स्टेशनों के प्लेटफार्मों पर जल्द ही सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनके नियंत्रण के लिए रेलवे सुरक्षा बल के थानों में ही कक्ष बनाया जाएगा। इन कैमरों से प्लेटफार्म पर आने- जाने वाले यात्रियों पर नजर रखी जाएगी। इनसे किसी भी घटना का पता सुरक्षा बल को लग जाएगा और वे तुरंत कार्रवाई कर सकेंगे।
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पहले यह प्रस्तावित
रेलवे स्टेशनों पर कैमरों में कैद होने वाली गतिविधियों की निगरानी के लिए पहले बीकानेर के आरपीएफ थाने में नया नियंत्रण कक्ष बनाया जाना प्रस्तावित था, लेकिन अब सभी छह स्टेशनों पर ही नियंत्रण कक्ष बनाने का निर्णय किया गया है।
जल्द शुरू होगा कैमरे लगाने का काम
निर्भया फंड से कैमरे लगाए जाएंगे। बीकानेर मंडल के आधा दर्जन स्टेशनों पर कैमरे लगाए जाना प्रस्तावित है। इसके लिए मुख्यालय से स्वीकृति आ चुकी है। जल्द ही काम शुरू होगा।
डीके शुक्ला, मंडल सुरक्षा आयुक्त
कार्ययोजना: खुले तार हटाकर डाली जाएगी केबलसुधरेगा बिजली तंत्र, पहले 300 ट्रांसफार्मर पर होगा काम
बीकानेर. शहर की विद्युत व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बिजली कंपनी बीकेईसीएल ने कार्य योजना तैयार की है। इसके पहले चरण में कम्पनी ने शहर में 300 ऐसे ट्रांसफार्मर चिह्नित किए हैं, जिनसे जुड़े उपभोक्ताओं की बिजली बन्द होने की शिकायतें ज्याद मिल रही हैं। कंपनी के सीओओ डी. चटर्जी ने बताया कि इस योजना के तहत तीन सौ ट्रांसफार्मर से जुडे इलाकों में खुले तार हटाकर आम्र्ड केबल डाली जाएगी।
इसके अलावा बॉक्स से बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। इन इलाकों में उपभोक्ताओं की सर्विस लाइनें पुरानी या खराब हैं तो इन्हें बदला जाएगा। इस दौरान टूटे या टूटने की स्थिति वाले खंभे भी बदले जाएंगे। इस काम पर करीब तीन करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च होगी। इसका काम अगले माह के पहले सप्ताह में शुरू होकर अगले साल मार्च तक चलेगा।
सर्वे में सामने आई शिकायतें
चटर्जी ने बजाया कि कम्पनी ने अप्रेल, मई व जून और बारिश के मौसम में बिजली आपूर्ति बन्द होने की शिकायतों को लेकर सर्वे कराया। उसी के आधार पर इन वितरण ट्रांसफार्मरों को चिन्हित किया गया। इसमें खुले तारों का टूटना, उपभोक्ता के परिसर से बार-बार बिजली बंद होना, बिजली के खंभों में करंट आना, एलटी लाइनों में पुराने और कमजोर जम्फर की नाकामी आदि के सर्वे के बाद प्राथमिकता के साथ तीन सौ ट्रांसफार्मरों को चिह्नित किया गया।





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