अलवर. शाहजहांपुर-नीमराणा क्षेत्र में रोड के आसपास की जमीनें बिकने के बाद अब फर्जी गिरोह की अपनी सरकार चलने लगी है। ये लोगों को झांसे में लेने के लिए पटवारी, तहसीलदार व बीड़ा के अधिकारियों से मुलाकात कराकर फर्जी पट्टे जारी करने का काम कर रहा है। एक बार अधिकारियों से मिलने के बाद सामने वाले व्यक्ति को विश्वास में लेकर खुद ही प्रशासन और खुद ही सरकार बनकर पट्टे जारी करते हैं। मुहर व हस्ताक्षर सब फर्जी लगाए जाते हैं। नीमराणा में दो दिन पहले सारे फर्जी कागजातों से 10-20 दिन में पेट्रोल पम्प लगाने की तैयारी हो गई। आखिरी समय में फर्जी हस्ताक्षर पकड़ में आने से पूरा मामला सामने आ गया।
इसमें शामिल अधिकारी अब अपने बचाव में लगे हैं। आप भी जानिए इस पूरे मामले को ताकि अपना कोई ठगा नहीं जाए। सरकार ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो करोड़ों का राजस्व का नुकसान पहले हो चुका है आगे जमकर होगा। इस एक मामले में 34.53 लाख रुपए का सरकार को चूना लगा दिया।
आखिरी में पकड़ में आया
तहसीलदार के स्तर से पेट्राल पम्प के लिए की गई अभिशंषा पर खुद तहसीलदार के हस्ताक्षर हैं लेकिन इसके साथ जमीन का संपरिवर्तन के पूरे कागज फर्जी हैं। जमीन संपरिवर्तन होने के बाद जमाबंदी में रिकॉर्ड दुरुस्त होता है। वहां जमीन का संपरिवर्तन अभी तक नहीं है। बीड़ा से जारी पट्टे पर सभी अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर हैं। जब बीड़ा से दस्तावेज जांच नहीं हुए तो सब अवैध हैं।
तहसीलदार ने अभिशंसा की
नीमराणा तहसीलदार ने नीमराणा क्षेत्र के ग्राम ईश्वर सिंह पुरा के खसरा नम्बर 17, 19, 20, 21 व पर रिटेल पेट्रोल पम्प स्थापित करने के लिए खसरा नम्बर 20 का मौका देखना बताया है। यह भी माना है कि खसरा नम्बर 20 में से 1539.53 वर्गमीटर भूमि का संपरिवर्तन हो चुका है। उक्त भूमि पर पेट्रोल पम्प श्रेणी ए, भण्डारण 20 हजार लीटर व श्रेणी बी 20 हजार लीटर का भण्डारण के अनुसार किए जाते हैं तो कोई आपत्ति नहीं है। पूर्व की रिपोर्ट भी संलग्न की है। यह पूरा खेल पटवारी के स्तर पर शुरू हुआ है। एक प्रशिक्षु पटवारी से मौका रिपोर्ट लिखवा दी जबकि उसका पटवार हल्का भी उस समय नहीं था।
जांच करा रहे
मुझे महेन्द्र यादव पटवारी ने मौका दिखवाया है। उनसे मैंने जानकारी मांगी है। फर्जी 90ए होने के बारे में बीड़ा भिवाड़ी ही बता सकता है। यह बात सही है कि खसरा 20 में पेट्रोल पम्प की जमीन की मौका रिपोर्ट पटवारी ने मुझे गलत दी है जिसकी जांच करा रहे हैं।
कविता गोदारा, तहसीलदार, नीमराणा





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