भीलवाड़ा।
मांडलगढ़ उपचुनाव में सरकार ने आनन-फानन में बिजौलियां में कॉलेज की घोषणा की। वहां कॉलेज खुल गया और 160 सीटों पर प्रवेश भी दे दिया। अब कॉलेज के नामकरण को लेकर भाजपा व कांग्रेस में विवाद पैदा हो गया है। एेसे में कॉलेज निदेशालय ने जिला कलक्टर शुचि त्यागी से नामकरण पर उनकी टिप्पणी मांगी है।
मांडलगढ़ से भाजपा प्रत्याशी रहे व जिला प्रमुख शक्तिसिंह हाड़ा ने दिवंगत विधायक कीर्तिकुमारी के नाम पर बिजौलियां कॉलेज का नामकरण करने का प्रस्ताव दिया। वहीं मांडलगढ़-बिजौलियां के विधायक विवेक धाकड़ ने बिजौलियां किसान आंदोलन के जनक विजयसिंह पथिक व साधु सीतारामदास के नाम पर कॉलेज का नाम रखने का प्रस्ताव दिया। शिवसेना के तहसील प्रमुख रामफूल धाकड़ ने साधु सीतारामदास, विजयसिंह पथिक या जमनालाल बजाज जैसे महापुरुषों में से किसी एक के नाम तथा राष्ट्रीय वीर गुर्जर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कन्हैयालाल गुर्जर ने विजयसिंह पथिक के नाम पर कॉलेज का नामकरण करने का प्रस्ताव भिजवाया है। अब कॉलेज निदेशालय भी असमंजस में है कि आखिर कॉलेज का नाम क्या रखा जाए। इन नेताओं ने शिक्षामंत्री को भी यह प्रस्ताव भिजवाएं है।
कलक्टर से मांगी टिप्पणी
बिजौलियां में नवसृजित महाविद्यालय के नामकरण प्रस्ताव जब कॉलेज निदेशालय पहुंचे तो उन्होंने भी मामला राजनीतिक होने के कारण इससे दूर रहना उचित समझा। निदेशालय के अतिरिक्त आयुक्त राजेंद्र शर्मा ने कलक्टर को पत्र लिखा। साथ में प्रस्ताव भिजवाए। अब नामकरण को लेकर टिप्पणी भेजनी होगी। इसके बाद निदेशालय कॉलेज का नाम तय करेगा।
नाम के लिए ये दिए तर्क
जिला प्रमुख हाड़ा का कहना है कि दिवंगत विधायक कीर्तिकुमारी लंबे समय से बिजौलियां में कॉलेज की मांग कर रही थी। अब सरकार ने मांग पूरी कर दी तो नामकरण उनके नाम पर ही होना सही रहेगा। उधर, विधायक धाकड़ का तर्क है कि बिजौलियां की पहचान किसान आंदोलन से हैं। इस आंदोलन ने देश को नई दिशा दी, जो युवाओं का प्रेरणा देती है। एेसे में आंदोलन के जनक साधु सीताराम दास व विजयसिंह पथिक के नाम पर ही कॉलेज होना चाहिए।
फिलहाल स्कूल में चल रहा कॉलेज
बिजौलियां कॉलेज में इस साल सभी सीटों पर प्रवेश हो गया है। लेकिन कॉलेज फिलहाल सरकारी स्कूल में चल रहा है। वहां अभी कॉलेज भवन नहंी बना।





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