राजसमंद. मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में मासूम केे साथ हुए बलात्कार के मामले में जगह-जगह जनआक्रोश फैल गया है।और फांसी की सजा देने की मांग तेज हो गई है। इसके चलते सोमवार को राजसमंद जिले के सर्वसमाज के लोगों ने राष्ट्रपति नाम कलक्टर आनंदी को ज्ञापन सौंपकर बलात्कार के आरोपियों को फांसी दिलाने की मांग की है। ज्ञापन में उन्होंने आरोपियों को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रेक न्यायालय(विशेष न्यायालय) गठिक कर मृत्युदण्ड की मांग की है।
26 जून की शाम को दिया था, वारादात को अंजाम
एक प्राइवेट स्कूल में तीसरी क्लास में पढऩे वाली इस बच्ची की गुमशुदगी की शिकायत पुलिस को मिली थी। पुलिस को तलाशी के दौरान बुधवार 26 जून की शाम बच्ची शहर के बस स्टैंड के समीप लक्ष्मण दरवाजे के झाडिय़ों में घायल अवस्था में मिली थी। बुधवार को ही उसे एमवायएच अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बच्ची मंगलवार शाम को स्कूल से छुट्टी के बाद लापता हो गयी थी। पुलिस के मुताबिक बलात्कार के बाद आरोपी इरफान उर्फ भय्यू खान पिता जहीर खान ने हत्या के इरादे से धारदार हथियार से उसे गंभीर चोटें पहुंचायी थीं। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची दहशत में है और वह किसी से बात नहीं कर रही है।
याद आया निर्भया कांड
बता दें कि मध्य प्रदेश के मंदसौर में आठ साल की बच्ची के साथ रेप के मामले में हैवानियत की दिल दहला देने वाली कहानी सामने आई है। इस घटना की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे दिल्ली के निर्भया कांड की याद ताजा हो गई है। आरोपी इरफान ने न सिर्फ 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया, बल्कि इस मासूम के प्राइवेट पार्ट में रॉड या लकड़ी जैसी चीज डाल दी। आप इस हवशी की हैवानियत की सिर्फ कल्पना ही कर सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक रॉड घुसेड़ देने की वजह से लडक़ी की आंतें बाहर आ गई थीं। इंदौर के एमवायएच अस्पताल के डॉक्टरों ने तीन घंटे तक लंबे और जटिल ऑपरेशन के बाद बच्ची की जान बचाई है।





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