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कई किसान रह गए वंचित

किसान संघों ने जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन
प्रतापगढ़. यहं प्रतापगढ़ कृषि उपज मंडी में समर्थन मूल्य पर की जा रही खरीद केन्द्र पर जिंसों की खरीद बंद करने से कई किसानों के पंजीयन होने के बाद भी वंचित रह गए है।ऐसे में भारतीय किसान संघ, जिला किसान संघर्ष समिति की ओर से बुधवार को जिला कलक्टर भंवरलाल मेहरा को ज्ञापन सौंपा गया।
जिला किसान संघर्ष समिति की ओर से जिलाध्यक्ष दूल्हेसिंह आंजना की अगुवाई में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि यहां केन्द्र पर समर्थन मूल्य पर की जा रही लहसुन की खरीद बंद कर दी गई है। यहां अब तक 4 हजार 947 किसानों की ही लहसुन खरीदी गई है। जबकि पंजीयन पौने दस हजार तक है। ऐसे में किसान वंचित हंै। इससे लहसुन की खरीद शुरू की जाए। गत दिनों में चना, सरसों की खरीद की गई थी। इसका भुगतान कई किसानों के खाते में अभी तक नहीं पहुंचा है। यह राशि किसानों के खातों में जमा कराई जाए। खरीद शुरू नहीं करने पर किसानों ने 9 जुलाई से आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मौके पर जिला महासचिव मोहनलाल कुमावत, अशोक भावसार, मदनलाल आंजना समेत कई किसान मौजूद थे।
वहीं दूसरी ओर भारतीय किसान संघ की ओर से भी ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें मांग की गई कि समर्थन मूल्य पर जिन किसानों का पंजीयन किया गया और उनका नंबर आने से पहले ही खरीद केंद्र बंद कर दिए गए। ऐसे किसानों की जिंसों को खरीदी जाए। इस मौके पर संघ के जिला अध्यक्ष पन्नालाल डांगी, जिला कोषाध्य्क्ष नन्दलाल गुर्जर, जिला प्रचार प्रमुख रामचंद्र आंजना, मदनलाल आंजना, प्रतापगढ़ तहसील अध्यक्ष बहादुर आंजना, अरनोद तहसील मंत्री सूरज आंजना, जिला कार्यालय प्रमुख मुकेश पाटीदार, अनोपसिंह डांगी, दिलीप आंजना, मानसिंह, मोतीसिंह अदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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श्रमिक रोजगार में अग्रणी बन रहा जिला
-रोजगार देने में ग्राम पंचायत औसतवार प्रदेश में दूसरे स्थान पर
प्रतापगढ़.
मनरेगा के तहत श्रमिकों को रोजगार देने में प्रतापगढ़ जिला प्रदेश में अग्रणी बन रहा है। प्रतापगढ़ में अन्य जिलों की अपेक्षा श्रमिकों को रोजगार की स्थिति काफी बेहतर बन रही है। जिससे श्रमिकों को राहत मिलने लगी है। जिले में इस वर्ष अब तक करीब 79 हजार श्रमिकों को रोजगार दिया जा चुका है।
केवल एक नम्बर पीछे
श्रमिकों को रोजगार देने के मामले में प्रतापगढ़ जिला वर्तमान में अन्य जिलों से काफी बेहतर साबित हो रहा है। रोजगार पाने वाले कुल श्रमिकों की संख्या के हिसाब से जहां प्रदेश में प्रतापगढ़ फिलहाल छठे स्थान पर है वहीं यदि पंचायतवार औसतन रोजगार देने की बात करें तो प्रतापगढ़ वर्तमान में दूसरे स्थान पर है और केवल डूंगरपुर जिला ही प्रतापगढ़ से आगे है।

क्रम जिला श्रमिक पंचायत औसत
1. डूंगरपुर 291 209761 721
2. प्रतापगढ़ 165 78206 474
3. बांसवाड़ा 346 141766 410
4. अजमेर 282 102260 363
5. बाड़मेर 489 117373 240

श्रमिकों को मिल रहा लाभ
जिले में ज्यादा संख्या में श्रमिकों को रोजगार मिलने से उन्हें काफी राहत मिल रही है। पहले जिले में रोजगार की कमी के चलते श्रमिक यहां से पलायन को मजबूर थे। बड़ी संख्या में यहां के श्रमिक अन्य जिलों में रोजगार के लिए पलायन करते थे लेकिन मनरेगा में यही रोजगार मिलने से उनका पलायन रुका है।

श्रमिक बढ़ाने के प्रयास तेज
जिले में श्रमिकों के रोजगार की बेहतर स्थिति को देखते हुए मनरेगा अधिकारियों कर्मचारियों में उत्साह है और वे और ज्यादा प्रयास कर मनरेगा में श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर और ज्यादा रोजगार देने के प्रयास में जुटे हैं।
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सुधर रही है स्थिति
जिले में मनरेगा के तहत श्रमिकों को रोजगार देने की स्थिति काफी सुधर रही है। श्रमिकों की संख्या में इजाफा किया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें।
डॉ वी सी गर्ग, सीईओ, जिलापरिषद, प्रतापगढ़
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