कई बार पुलिस की ढिलाई का लाभ अपराधी उठाते हैं और खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है। इस बार शहर कोतवाली थाना पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पुलिस की कार्यप्रणाली से महिलाओं के गले से चेन लूट की वारदात को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टर माइंड आबिद उर्फ डॉ. आबिद को फिर वारदात करने के लिए छूट मिल गई। इसका भरपूर फायदा उठाते हुए आबिद लगातार चेन लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा है। शहर में पिछले दिनों एनईबी थाना इलाके में हुई चेन लूट की वारदात में भी आबिद के फुटेज सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं।
वहीं, गुरुवार शाम बुधविहार इलाके में महिला की गर्दन मरोड़ कर आबिद ने चेन तोडऩे की घटना को फिर से अंजाम दिया। पुलिस ने जब महिला को फुटेज दिखाए तो वह आबिद और उसके साथी को पहचान गई।
कोतवाली थाना इलाके में दो-तीन माह पहले महिलाओं के गले से चेन लूट की 10 वारदातें हुई। पुलिस टीम ने वारदात के खुलासे के लिए कड़ी मेहनत करते हुए 180 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे। इनमें कारेण्डा (चौपानकी) हाल यादव कॉलोनी बाहशाहपुर गुरुग्राम निवासी सुनील पुत्र हरफूल हरिजन, कारेण्डा (चौपानकी) हाल उटावड़ बहीन हरियाणा निवासी सलीम पुत्र सद्दीक, कारेण्डा (चौपानकी) हाल तावडू निवासी शाहरुख पुत्र आस मोहम्मद और नरियाला फिरोजपुर झिरका हाल स्माइल कॉलोनी तावडू निवासी आबिद उर्फ डॉ. आबिद पुत्र नूरदीन के वारदात करने की पुष्टि हुई। इसके बाद 7 जून को चौपानकी थाना पुलिस ने इन चारों बदमाशों को गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में लुटरों ने अलवर, भिवाड़ी सहित हरियाणा में करीब 28 चेन लूट की वारदात करना कबूला। रिमांड के बाद चौपानकी थाना पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने लापरवाही बरतते हुए आरोपियों को कोतवाली क्षेत्र में हुई चेन स्नेचिंग की वारदातों में पूछताछ के लिए काफी दिनों तक प्रोडक्शन वारंट पर ही नहीं लिया जिसका फायदा आबिद को हुआ और उसे 30 जून को न्यायालय से जमानत मिल गई। जमानत मिलने के बाद से फरार आबिद लगातार चेन स्नेचिंग की वारदात को अंजाम दे रहा है।
बाद में तीन जनों को लिया प्रोडक्शन वारंट पर
कोतवाली पुलिस ने लापरवाही दिखाते हुए जांच अधिकारी उपनिरीक्षक किशनलाल यादव ने उनके यहां दस स्नेचिंग की वारदातों में वांछित इन चारों मुल्जिमों में से सुनील, सलीम और शाहरुख को ही एक सप्ताह पहले प्रोडक्शन वारंट पर लिया और रिमांड के बाद जेल भेज दिया। लेटलतीफी के कारण पुलिस आबिद को प्रोडक्शन वारंट पर नहीं ले सकी।
यदि एेसा है तो इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी पुलिस अधिकारी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- राजेन्द्र सिंह, जिला पुलिस अधीक्षक, अलवर।





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